ere | Source: reeनई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने की तैयारी है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख और भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को बोर्ड नई जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण को ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ का पद दिया जा सकता है। खास बात यह है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी वह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े अपने मौजूदा काम संभालते रहेंगे।

लक्ष्मण की भूमिका क्यों होने वाली है इतनी अहम?

एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बीसीसीआई लक्ष्मण का अनुबंध दो साल के लिए बढ़ाने की तैयारी में है। अनुबंध बढ़ने के साथ ही उन्हें ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ की नई जिम्मेदारी दी जाएगी। यह पद बीसीसीआई की मौजूदा व्यवस्था में पहले नहीं था।

लक्ष्मण अभी जूनियर भारतीय टीमों, खिलाड़ियों के पुनर्वास और पुरुष एवं महिला क्रिकेटरों के लिए तैयार किए जाने वाले विकास मार्ग यानी पाथवे से जुड़े कामों की देखरेख करते हैं। नई जिम्मेदारी के बाद उनके कार्यक्षेत्र में स्टाफ की नियुक्ति भी शामिल हो सकती है।

टीम इंडिया से लेकर युवा खिलाड़ियों तक एक व्यवस्था बनाने की तैयारी

नई भूमिका का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग स्तरों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा। इसके दायरे में वरिष्ठ टीम के कोच, चयनकर्ता, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और युवा खिलाड़ियों के विकास से जुड़ी व्यवस्था शामिल होगी।

इसका उद्देश्य प्रतिभाओं की पहचान और खिलाड़ियों के विकास के लिए एक समान प्रणाली तैयार करना बताया जा रहा है। यानी युवा स्तर से लेकर वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक खिलाड़ियों के विकास की प्रक्रिया को एक-दूसरे से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

क्या लक्ष्मण गंभीर और अगरकर से ऊपर होंगे?

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि नई व्यवस्था में वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर से ऊपर होगी। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि गंभीर या अगरकर को तत्काल अपने पद से हटने का खतरा है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों के तत्काल भविष्य को लेकर कोई खतरा नहीं बताया गया है। लक्ष्मण की नई भूमिका को भारतीय क्रिकेट की विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने और विकास प्रणाली को व्यवस्थित करने से जोड़कर देखा जा रहा है।

अगरकर का कार्यकाल सितंबर में होने वाला है खत्म

भारतीय क्रिकेट में यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में समाप्त होने वाला है। ऐसे में बीसीसीआई की आगामी प्रशासनिक और क्रिकेट संबंधी व्यवस्था पर सबकी नजर बनी हुई है।

अगरकर की मौजूदा भूमिका भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन से जुड़ी है। दूसरी ओर लक्ष्मण की संभावित नई जिम्मेदारी इससे कहीं व्यापक स्तर पर क्रिकेट के विकास और टीम से जुड़े तंत्र को जोड़ने वाली हो सकती है।

टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता

भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट क्रिकेट में हालिया खराब प्रदर्शन के बीच यह बदलाव और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला टीम के कोचिंग और टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण होगी।

एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाले इन दो मैचों का टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के आगे के रास्ते पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल गंभीर के पद को लेकर तत्काल किसी खतरे की बात नहीं कही गई है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पहले से मजबूत भूमिका निभा रहे हैं लक्ष्मण

वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के विकास तंत्र से जुड़े हुए हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख के तौर पर वह युवा खिलाड़ियों, पुनर्वास प्रक्रिया और क्रिकेटरों के विकास से संबंधित व्यवस्थाओं पर काम कर रहे हैं।

यही वजह है कि ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ की संभावित जिम्मेदारी को उनकी मौजूदा भूमिका का विस्तार माना जा रहा है। वह पहले से ही प्रतिभा विकास की प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों से जुड़े हुए हैं और नई भूमिका में इस काम को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मिल सकती है।

पुरुष ही नहीं, महिला क्रिकेट भी नई व्यवस्था का हिस्सा

लक्ष्मण की मौजूदा जिम्मेदारियों में पुरुष और महिला क्रिकेटरों के विकास के लिए तैयार किए जाने वाले पाथवे भी शामिल हैं। नई व्यवस्था में यदि यह जिम्मेदारी उनके पास रहती है तो भारतीय क्रिकेट के दोनों प्रमुख हिस्सों के बीच विकास प्रणाली को बेहतर ढंग से जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है।

इसके साथ ही युवा खिलाड़ियों की पहचान, उनके प्रशिक्षण और वरिष्ठ स्तर तक पहुंचने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर रहने की संभावना है।

स्टाफ की नियुक्ति में भी मिल सकती है जिम्मेदारी

नई भूमिका में एक बड़ा बदलाव यह होगा कि लक्ष्मण को स्टाफ की नियुक्तियों से संबंधित जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। इससे क्रिकेट से जुड़े विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले विशेषज्ञों और सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था में उनकी भूमिका बढ़ जाएगी।

हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार यह पूरी व्यवस्था बीसीसीआई की नई संरचना के तहत काम करेगी और लक्ष्मण का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़ा काम भी जारी रहेगा।

गंभीर और अगरकर के लिए फिलहाल तत्काल खतरा नहीं

वीवीएस लक्ष्मण को नई जिम्मेदारी मिलने की खबर के बीच टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लेकिन सूत्रों के हवाले से आई जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि दोनों के तत्काल भविष्य पर कोई खतरा नहीं है।

लक्ष्मण की संभावित नियुक्ति को सीधे तौर पर गंभीर या अगरकर को हटाने के फैसले के रूप में नहीं देखा जा रहा है। बल्कि बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट की अलग-अलग व्यवस्थाओं को एक व्यापक ढांचे के तहत जोड़ने की दिशा में काम करता नजर आ रहा है।

बीसीसीआई में बदल सकती है काम करने की शैली

यदि लक्ष्मण को ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ की जिम्मेदारी मिलती है तो भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा पहचान, खिलाड़ी विकास, कोचिंग, चयन और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं के बीच समन्वय की नई प्रणाली तैयार हो सकती है।

फिलहाल यह जानकारी एनडीटीवी की सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट से सामने आई है। अंतिम नियुक्ति और नई जिम्मेदारियों से जुड़े आधिकारिक विवरण बीसीसीआई की ओर से स्पष्ट किए जाने बाकी हैं।