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पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के मोकामा विधायक अनंत सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को अपने राजनीतिक विस्तार का घमंड हो गया था। उन्होंने दावा किया कि जनता ने जिस नेतृत्व के नाम पर मतदान किया था, उसी नेतृत्व में बदलाव किए जाने से मतदाताओं में नाराजगी पैदा हुई और इसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया।

भाजपा पर लगाया घमंड का आरोप

मीडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने कहा कि गठबंधन राजनीति में सभी दलों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाजपा को यह अहसास हो गया था कि वह हर जगह जीत हासिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी को यह घमंड हो गया था कि उसने "कलकत्ता जीत लिया, बंबई जीत लिया और विदेश तक जीत लिया", जबकि वास्तविकता यह है कि देश के कई हिस्सों में जनता का रुझान बदल रहा है।

उन्होंने कहा कि केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं और जनता अब अपने फैसलों को लेकर अधिक सजग हो चुकी है।

मुख्यमंत्री के चेहरे पर जताई नाराजगी

अनंत सिंह ने कहा कि जनता किसी गठबंधन या दल को एक निश्चित नेतृत्व के आधार पर वोट देती है। ऐसे में यदि चुनाव के बाद बीच कार्यकाल में मुख्यमंत्री बदल दिया जाता है या नेतृत्व में अप्रत्याशित परिवर्तन किया जाता है, तो मतदाताओं को यह स्वीकार नहीं होता।

उन्होंने कहा कि जनता जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने के उद्देश्य से मतदान करती है, वही पूरे कार्यकाल तक उस पद पर बना रहना चाहिए। यदि किसी अन्य व्यक्ति को बीच में मुख्यमंत्री बना दिया जाता है, तो मतदाताओं को यह संदेश जाता है कि उनके जनादेश का सम्मान नहीं किया गया।

बांकीपुर उपचुनाव बना चर्चा का केंद्र

पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय तक भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पास थी। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया।

इस चुनाव में भाजपा ने नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया, जबकि जन सुराज की ओर से प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल की ओर से रेखा गुप्ता चुनाव मैदान में थीं। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन परिणाम उम्मीद के विपरीत रहे।

प्रशांत किशोर ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत

तीन अगस्त को घोषित चुनाव परिणामों में जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा को हराकर बांकीपुर सीट पर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भाजपा को अपनी परंपरागत सीट गंवानी पड़ी। वहीं राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा गुप्ता चुनाव में तीसरे स्थान पर रहीं और उनकी जमानत भी जब्त हो गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम ने बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की संभावना को जन्म दिया है।

पहले भी भाजपा पर साध चुके हैं निशाना

यह पहली बार नहीं है जब अनंत सिंह ने बांकीपुर चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा की आलोचना की हो। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि जनता के बीच यह धारणा बन गई थी कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर भाजपा ने जनादेश के साथ न्याय नहीं किया। उनके अनुसार लोगों को यह महसूस हुआ कि जिस नेतृत्व के नाम पर उन्होंने वोट दिया था, बाद में उसी व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया।

अनंत सिंह ने कहा कि जनता इस प्रकार के राजनीतिक प्रयोगों को पसंद नहीं करती और यही असंतोष चुनाव परिणामों में देखने को मिला।

अब बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। भाजपा अपनी हार के कारणों की समीक्षा कर रही है, जबकि विपक्षी दल इसे जनता का स्पष्ट संदेश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि यह चुनाव परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला संकेत भी माना जा रहा है।