नई दिल्ली। देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में पोस्टपेड सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने केवल तीन महीनों में करीब 10 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक जोड़कर अब तक की सबसे बड़ी तिमाही वृद्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के साथ एयरटेल के कुल पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ तक पहुंच गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की नई 5जी फास्ट लेन सेवा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का बढ़ता उपयोग इस सफलता के प्रमुख कारण हैं।
तीन महीने में जुड़े 10 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक
कंपनी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और मशीन-टू-मशीन (एम2एम) कनेक्शन को छोड़कर एयरटेल ने पहली तिमाही में लगभग 10 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक जोड़े। इससे पोस्टपेड उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या 3 करोड़ तक पहुंच गई, जो कंपनी के कुल ग्राहक आधार का लगभग 8 प्रतिशत है।
यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही की तुलना में भी अधिक रही। उस समय कंपनी ने करीब 8.14 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक जोड़े थे। इससे स्पष्ट है कि प्रीमियम सेवाओं की ओर ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
5जी फास्ट लेन सेवा बनी बड़ी वजह
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एयरटेल की नई फास्ट लेन सेवा ने पोस्टपेड ग्राहकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सेवा विशेष रूप से प्रीमियम ग्राहकों के लिए तैयार की गई है, जिससे उन्हें बेहतर नेटवर्क अनुभव और प्राथमिकता आधारित कनेक्टिविटी मिलती है।
यह तकनीक 5जी नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित है, जिसमें नेटवर्क का एक अलग हिस्सा विशेष ग्राहकों के लिए आरक्षित किया जाता है। इससे डेटा स्पीड, नेटवर्क स्थिरता और सेवा की गुणवत्ता बेहतर होती है।
नई तकनीक से बदल रहा है नेटवर्क अनुभव
एयरटेल अपने नेटवर्क को पारंपरिक नॉन-स्टैंडअलोन (एनएसए) व्यवस्था से पूरी तरह स्टैंडअलोन (एसए) 5जी आर्किटेक्चर की ओर ले जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव भविष्य में तेज इंटरनेट, कम लेटेंसी और अधिक भरोसेमंद नेटवर्क उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसी तकनीक के आधार पर फास्ट लेन सेवा ग्राहकों को सामान्य नेटवर्क ट्रैफिक से अलग प्राथमिकता प्रदान करती है।
अब इंजीनियरों के साथ काम करेगा एआई
एयरटेल केवल नेटवर्क सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपने आंतरिक कामकाज में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से उपयोग कर रही है। कंपनी ने बताया कि उसके लगभग 30 हजार फील्ड इंजीनियर अब एआई आधारित विशेष डिजिटल टूल का उपयोग कर रहे हैं।
इन टूल्स की मदद से इंजीनियर नेटवर्क संबंधी समस्याओं की पहचान, समाधान और तकनीकी कार्य पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक तरीके से कर पा रहे हैं।
मोबाइल पर ही उपलब्ध कराया गया एआई मॉडल
कंपनी के अनुसार इंजीनियरों के लिए एक छोटा भाषा आधारित एआई मॉडल तैयार किया गया है, जो सीधे उनके सामान्य मोबाइल उपकरण पर काम करता है। इससे उन्हें अलग सिस्टम की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे मौके पर ही तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कंपनी का मानना है कि इससे नेटवर्क रखरखाव की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज बनेगी।
डिजिटल बदलाव पर कंपनी का बड़ा फोकस
एयरटेल लगातार अपने नेटवर्क और सेवाओं में आधुनिक तकनीकों को शामिल कर रही है। 5जी सेवाओं के विस्तार के साथ एआई आधारित समाधान अपनाकर कंपनी ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5जी तकनीक का यह मेल भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को नई दिशा दे सकता है। पोस्टपेड ग्राहकों की रिकॉर्ड बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि प्रीमियम डिजिटल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और भविष्य में इस क्षेत्र में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
