पश्चिम बंगाल में मस्जिद लाउडस्पीकर विवाद पर बयान देते शुभेंदु अधिकारी | Source: Chrome

पश्चिम बंगाल में मस्जिद लाउडस्पीकर विवाद पर बयान देते शुभेंदु अधिकारी।Source : Chrome

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों और अन्य पूजा स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। मामले को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने याचिका खारिज होने को राज्य में शांति और नागरिकों के अधिकारों के लिए अहम बताया, जबकि टीएमसी नेता फरहाद हकीम ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर अपनी मांग रखी है।

लाउडस्पीकर विवाद पर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?

शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को लेकर पोस्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की गई, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि मस्जिदों और पूजा स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती का आरोप लगाते हुए दायर की गई जनहित याचिका को कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया।

कोर्ट के फैसले को बताया अहम

शुभेंदु अधिकारी ने हाई कोर्ट के फैसले को राज्य में शांति, उम्मीद और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की प्राथमिकता से जोड़कर देखा। उनके मुताबिक, अदालत का आदेश इस बात का संकेत है कि लोगों के अधिकारों और कानून के मुताबिक कार्रवाई को महत्व दिया जाना चाहिए।

फरहाद हकीम ने रखी अलग मांग

इस मामले पर टीएमसी नेता और राज्य सरकार में मंत्री फरहाद हकीम ने भी प्रतिक्रिया दी। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक विधायकों ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।हकीम ने कहा कि उनकी मांग है कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल नियमों के तहत इस पर पाबंदियां लागू हैं और इस मुद्दे पर बातचीत की जरूरत है।

SIR को लेकर भी TMC का आरोप

फरहाद हकीम ने इसी दौरान SIR प्रक्रिया का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ इलाकों में प्रक्रिया के दौरान लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिसकी वजह से कथित तौर पर वास्तविक भारतीय नागरिक भी मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।उन्होंने कहा कि टीएमसी इन मामलों में कानूनी सलाह ले रही है और जरूरत पड़ने पर अदालत का रुख करेगी।

मामला फिर चर्चा में क्यों?

लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, धार्मिक स्थलों पर लागू नियमों और नागरिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक दलों के अलग-अलग रुख के कारण यह मुद्दा पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक ओर शुभेंदु अधिकारी कोर्ट के फैसले को शांति और अधिकारों से जोड़ रहे हैं, वहीं टीएमसी इस मुद्दे पर अपनी मांग और कानूनी कार्रवाई की बात कर रही है।