आंध्र प्रदेश के एक दूरदराज आदिवासी क्षेत्र से इंसानियत की मिसाल पेश करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक स्कूल वार्डन बीमार छात्रा को अपनी पीठ पर उठाकर पहाड़ी और जंगल के कठिन रास्तों से गुजरती नजर आती हैं। बताया जा रहा है कि छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और आसपास कोई वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी।


बीमार छात्रा को पीठ पर उठाकर निकलीं वार्डन

जानकारी के मुताबिक स्कूल वार्डन हेमा ने छात्रा की गंभीर हालत को देखते हुए बिना समय गंवाए उसे अपनी पीठ पर उठाया और अस्पताल की ओर निकल पड़ीं रास्ता ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी और जंगलों से होकर गुजरता था लेकिन उन्होंने छात्रा को सुरक्षित चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने का फैसला किया।


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करीब 6 किलोमीटर पैदल तय किया सफर

बताया गया कि हेमा ने लगभग 6 किलोमीटर तक पैदल चलकर छात्रा को अस्पताल पहुंचाया कठिन रास्ते और संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और समय पर छात्रा को इलाज दिलाने में सफल रहीं


वीडियो ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल

इस घटना का वीडियो आंध्र प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. शैलजा रायापति ने सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने वार्डन हेमा के समर्पण और जिम्मेदारी की सराहना की वहीं इस घटना ने दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े किए हैं


सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स वार्डन हेमा की जमकर तारीफ कर रहे हैं कई लोगों ने उन्हें "रियल हीरो" बताया जबकि कुछ ने कहा कि उनका यह कदम इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है वहीं कई यूजर्स ने सरकार से ऐसी कर्मठ कर्मचारी को सम्मानित करने की मांग भी की है