रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्र सरकार में मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने पूर्व सांसद केसी त्यागी को तीन महीने पहले पार्टी में शामिल किया था अब उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए मंगलवार को ऐलान किया कि त्यागी को रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष होंगे इस कदम से केसी त्यागी को एक तरह से रालोद में दूसरे नंबर की अहम भूमिक देने और उन्हें पार्टी का प्रमुख रणनीतिक चेहरा बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस बोर्ड में यूपी के साथ हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली समेत कई प्रदेश के नेताओं को जगह दी गई है। इस संसदीय बोर्ड में पार्टी के दिग्गज नेता, सासंद, पूर्व सांसद, विधायक और पूर्व विधायक के साथ खुद चौधरी जयंत सदस्य रहेंगे।

P | Source: दैनिक भास्कर

Source : दैनिक भास्कर

ये है आगे की सियासत नजर 2027 पर

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक जयंत चौधरी एनडीए के साथ होने बावजूद ही सतर्क होकर सियासत कर रहे हैं। उनका मानना है कि भाजपा के साथ सरकार में रहने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद का जाट-मुस्लिम जनाधार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में पार्टी दूसरी जातियों को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। केसी त्यागी पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा चेहरा माना जाता है माना जा रहा है कि उन्हें पार्टी में लाकर जयंत चौधरी त्यागी और ब्राह्मण समाज को रालोद से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

पहले दिन से जयंत दे रहे हैं केसी त्यागी पर तवज्जो

जयंत रालोद मेरे शामिल करने के बाद ही उन पर काफी तवज्जो दे रहे थे और उनका अहम जिम्मेदारी भी दी जा रही थी

केसी के रालोद में आते ही उनके बेटे अंबरीश त्यागी को सियासत में मजबूती से स्थापित करने मेरठ की किठौर या बागपत की मुरादनगर विधानसभा सीट टिकट पक्का होने के संकेत रालोद सूत्र देते रहे हैं। इसके अलावा, 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बनाई गई आरएलडी की संगठनात्मक टीम का संयोजक भी अंबरीश त्यागी को बनाया गया है। वह जिलेवार बैठकों के जरिए संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। अब केसी त्यागी को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत करने का संदेश दिया है।

यह है जयंत चौधरी का संसदीय बोर्ड

रालोद के नवगठित संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष केसी त्यागी बनाए गए हैं। बोर्ड में राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी समेत कुल 15 सदस्य और 4 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं। सदस्यों में जयंत चौधरी, मेजर जनरल बिशंबर दयाल (वीएसएम, सेवानिवृत्त) हरियाणा, मलूक नागर (पूर्व सांसद, उत्तर प्रदेश), डॉ. राजकुमार सांगवान (सांसद, बागपत एवं लोकसभा में नेता सदन), राजपाल बलियान (विधायक एवं यूपी विधानसभा में नेता सदन), योगेश चौधरी (विधान परिषद सदस्य एवं यूपी में नेता सदन), सुभाष गर्ग (विधायक, राजस्थान), अब्दुर सगीर खान (पूर्व विधायक, राजस्थान), रमा नागर (मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) और बबीता तोमर (बड़ौत, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। वहीं किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूत करने के लिए चार विशेष आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं, जिनमें दिल्ली के किसान नेता युद्धवीर सिंह, राजस्थान के विजय पुनिया, उत्तर प्रदेश के सुखबीर गठना और चंद्रबली यादव शामिल हैं।