ere | Source: ererचंडीगढ़। पंजाब की दो निजी विश्वविद्यालयों में महज दो दिनों के भीतर सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट खबरों के बाद छात्रों के बड़े विरोध प्रदर्शन सामने आए। राजपुरा की चितकारा यूनिवर्सिटी में दो छात्राओं के लापता होने और आत्महत्या की अफवाह से शुक्रवार रात हंगामा हुआ, जबकि इसके अगले दिन फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की खबर फैलने के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई दावों की पुष्टि नहीं की है।

चितकारा यूनिवर्सिटी में ‘भूत’ की अफवाह से शुरू हुआ हंगामा

25 सितंबर की रात चितकारा यूनिवर्सिटी में सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट और संदेश प्रसारित होने लगे, जिनमें दो छात्राओं के लापता होने या आत्महत्या करने का दावा किया गया। कुछ संदेशों में छात्रावास से चीखें सुनाई देने और कथित तौर पर ‘भूत’ से जुड़ी बातें भी कही गईं। इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र देर रात परिसर में जमा हो गए। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार किसी छात्रा के लापता होने या आत्महत्या करने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से जिन दावों को उठाया गया, उनके समर्थन में ठोस जानकारी सामने नहीं आई।

एलपीयू में दुष्कर्म और आत्महत्या की खबर ने बढ़ाया तनाव

चितकारा की घटना के अगले ही दिन फगवाड़ा स्थित एलपीयू में सोशल मीडिया पर एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और बाद में आत्महत्या की खबर फैल गई। इस सूचना के बाद बड़ी संख्या में छात्र विरोध में उतर आए। पुलिस ने कहा कि उसे ऐसे किसी दुष्कर्म की शिकायत नहीं मिली थी और शुरुआती स्तर पर यह मामला अफवाह से जुड़ा प्रतीत हुआ।

विरोध के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ हुई और कुछ वस्तुओं में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बाधित कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। बाद में राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया और पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में होने की जानकारी दी।

विश्वविद्यालय ने दुष्कर्म की खबर को बताया झूठी और आधारहीन

एलपीयू प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही दुष्कर्म और आत्महत्या से संबंधित खबरों को झूठा, आधारहीन और मनगढ़ंत बताया। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की।

हिंसा के बाद विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा और परिसर की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है।

दोनों घटनाओं के बीच संबंध की भी हो रही जांच

लगातार दो दिनों में दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों में अफवाहों के बाद छात्रों के उग्र प्रदर्शन से पंजाब पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दोनों घटनाएं पूरी तरह अलग थीं या इनके बीच किसी प्रकार का संबंध है।

पंजाब पुलिस के विशेष महानिदेशक कानून-व्यवस्था परवीन कुमार सिन्हा ने बताया कि दोनों घटनाओं के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती तौर पर दोनों घटनाएं अलग-अलग नजर आ रही हैं, लेकिन जांच में सभी संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया की अपुष्ट सूचनाओं ने बढ़ाई चिंता

दोनों घटनाओं में एक समान बात सामने आई है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों के बाद छात्रों के बीच तेजी से तनाव बढ़ा। चितकारा में कथित आत्महत्या और लापता छात्राओं की बात फैली, जबकि एलपीयू में दुष्कर्म और आत्महत्या से जुड़ी सूचना प्रसारित हुई।

पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तथ्यों की पुष्टि किए जाने से पहले ही दोनों जगह बड़ी संख्या में छात्र सड़कों और परिसर में जमा हो गए। घटनाओं ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाएं किस तरह कुछ ही घंटों में बड़े स्तर पर तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकती हैं।