अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से कथित चोरी के मामले में दाखिल पुलिस की चार्जशीट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दी हैं। सबसे अहम कड़ी उस वीडियो को माना गया है, जिसे एक गणना कर्मी ने 4 जून की रात तत्कालीन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मोबाइल पर भेजा था। वीडियो में गणना कक्ष के बाथरूम में नोटों की गड्डियां दिखाई दे रही थीं। पुलिस के अनुसार, वहां से 2 लाख 25 हजार रुपये बरामद किए गए थे।
चंपत राय को भेजे वीडियो ने खोला पहला बड़ा राज
चार्जशीट के अनुसार, 4 जून की रात चंपत राय दिल्ली से अयोध्या ट्रेन से लौट रहे थे। इसी दौरान करीब पौने दस बजे उनके मोबाइल पर गणना कर्मी आनंद चौधरी की ओर से एक वीडियो और संदेश भेजा गया। संदेश में बताया गया कि गणना कक्ष के बाथरूम में रकम मिली है और कुछ लोग कई दिनों से चोरी कर रहे हैं।
अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय को मामले से संबंधित वीडियो दोबारा दिखाए गए। पुलिस की विवेचना में चंपत राय समेत अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। चार्जशीट में इस वीडियो को पूरे मामले की शुरुआती कड़ी के तौर पर शामिल किया गया है।
बाथरूम में छिपाई गई थी 2.25 लाख रुपये की रकम
जांच के मुताबिक, गणना कक्ष में चेकिंग शुरू होने के बाद चोरी की गई रकम में से कुछ पैसे बाथरूम में छिपाए गए थे। इसी दौरान वहां से 2 लाख 25 हजार रुपये बरामद होने का उल्लेख चार्जशीट में है।
पुलिस का दावा है कि बाद की कार्रवाई में आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण भी बरामद किए गए। मामले में बरामद सामान को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सुपुर्दगी संबंधी दस्तावेज तैयार किए गए और माल को ट्रस्ट के लॉकर में रखे जाने की बात भी सामने आई है।
CCTV ने खोली रकम हटाने की बार-बार होती घटनाएं
पुलिस की चार्जशीट में CCTV फुटेज को अहम डिजिटल साक्ष्य बताया गया है। विवेचना के अनुसार, फुटेज में अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर अपने पास रखते हुए देखा गया। इसके अलावा वह चार बार अन्य आरोपियों को रकम हटाने में मदद करता दिखाई दिया।
करुणेश पांडेय के बारे में चार्जशीट में दो बार रकम हटाने और 68 बार अन्य आरोपियों की मदद करने का उल्लेख है। वहीं मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने तथा लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने का आरोप दर्ज है।
नौकरी लगवाने से लेकर गणना कक्ष तक पहुंचने की कड़ी
चार्जशीट में पुलिस ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2025 में अनुकल्प मिश्रा के माध्यम से कुछ लोगों की गणना कर्मी के रूप में नियुक्ति हुई। जांच के अनुसार लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय और अविनाश शुक्ला की नियुक्ति इसी प्रक्रिया के तहत हुई थी।
पुलिस का आरोप है कि बाद में जरूरत के अनुसार अन्य लोगों को भी गणना कक्ष से जुड़ी जिम्मेदारियों में लाया गया। इस तरह जांच में कथित चोरी की घटनाओं के साथ आरोपियों के आपसी संपर्क और भूमिका की भी पड़ताल की गई।
मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा
पुलिस ने केवल CCTV फुटेज पर निर्भर रहने के बजाय मोबाइल डेटा, चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR को भी विवेचना में शामिल किया। जांच एजेंसी के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच संपर्क और कथित समन्वय की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया गया।
चार्जशीट में बैंकिंग लेनदेन, बरामद नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का भी उल्लेख है। पुलिस ने इन सभी साक्ष्यों को एक साथ रखकर आरोपियों की कथित भूमिका का विवरण अदालत के सामने पेश किया है।
सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू पर भी कार्रवाई
चार्जशीट में सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव और ट्रस्ट कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस के अनुसार ट्रस्ट से जुड़े अधिकार और परिसर में उनकी पहुंच को विवेचना का हिस्सा बनाया गया।
सुभाष श्रीवास्तव ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर बताया कि उसके पास आई रकम खर्च हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बची हुई रकम, मुद्रा और आभूषण जब्त किए जाने की बात कही है।
चोरी की रकम से संपत्ति और वाहन खरीदने का दावा
चार्जशीट में पुलिस ने कथित तौर पर चोरी की रकम के इस्तेमाल को लेकर भी कई दावे किए हैं। जांच में नकदी के साथ जमीन, मकान और वाहनों से जुड़े लेनदेन की पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार कुछ आरोपियों के पास से लाखों रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं।
जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहनों को जब्त किए जाने का भी उल्लेख है।
आठ आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। इनमें अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। चार्जशीट में CCTV, मोबाइल डेटा, CDR, बैंकिंग लेनदेन, बरामदगी और गवाहों के बयान को साक्ष्य के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। चार्जशीट में पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और आरोप विवेचना के निष्कर्ष हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
