retre | Source: rtrtनई दिल्ली। छात्रों से जुड़े आंदोलन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच टकराव की स्थिति पूरी तरह समाप्त होती नहीं दिख रही है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को परेशान करने का सिलसिला नहीं रुका तो CJP जल्द ही एक बड़े और शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत करेगी। हाल के दिनों में संगठन की ओर से लगातार यह आरोप लगाया जाता रहा है कि विभिन्न स्थानों पर आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पहले भी सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर कदम उठाने की मांग की गई थी।

पुलिस कार्रवाई पर अभिजीत दीपके का कड़ा संदेश

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी अपने संदेश में कहा कि सरकार को छात्रों को निशाना बनाना और उन्हें परेशान करना तुरंत बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो कॉकरोच जनता पार्टी एक बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करेगी। उनके अनुसार संगठन किसी भी स्थिति में छात्रों के साथ कथित अन्याय को स्वीकार नहीं करेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।

CJP ने कहा- आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ

संगठन के नेताओं का कहना है कि आंदोलन को वापस लेने का अर्थ यह नहीं है कि पूरा अभियान समाप्त हो गया है। अभिजीत दीपके पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि CJP का संघर्ष अभी लंबा चलने वाला है। उन्होंने कहा था कि विरोध-प्रदर्शन का समापन केवल एक चरण का अंत है, जबकि संगठन के सामने अभी कई महत्वपूर्ण लक्ष्य बाकी हैं। इसी कारण आने वाले समय में भी विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन जारी रहने के संकेत दिए जा रहे हैं।

छात्रों को कानूनी सहायता देने की तैयारी

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने हाल ही में कहा था कि संगठन केवल आंदोलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों को भी लगातार उठाता रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों से निपटने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के संपर्क में भी संगठन रहा है ताकि कानूनी स्तर पर छात्रों की सहायता सुनिश्चित की जा सके।

सौरव दास ने यह भी घोषणा की कि CJP जल्द ही एक ऐसा ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगी, जिसके माध्यम से देशभर के छात्र कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए वकीलों से जुड़ सकेंगे। संगठन का दावा है कि इस पहल का उद्देश्य आंदोलन में शामिल छात्रों को आवश्यक कानूनी सहयोग उपलब्ध कराना होगा।

'साक्षी' पोर्टल के जरिए जुटाए जाएंगे सबूत

संगठन ने 'साक्षी' नाम से एक अलग पोर्टल शुरू करने की भी जानकारी दी है। सौरव दास के अनुसार इस पोर्टल पर प्रदर्शन के दौरान कथित ज्यादतियों से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र किए जाएंगे। यदि किसी नागरिक के पास ऐसे प्रमाण उपलब्ध हैं तो वह उन्हें पोर्टल पर अपलोड कर सकता है।

उन्होंने कहा कि CJP की कानूनी टीम इन सामग्रियों का परीक्षण करेगी और जिन अधिकारियों या कर्मियों पर कार्रवाई योग्य आरोप पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। संगठन का कहना है कि जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाने के लिए सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का उपयोग किया जाएगा।

आशुतोष रांका ने भी दी थी आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी

इससे पहले CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि मंगलवार तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में नए मामले दर्ज नहीं करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया गया, तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा था कि यदि प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया और लिखित गारंटी नहीं मिली तो CJP फिर से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की बात कही। साथ ही निर्देश दिया कि 18 वर्ष से कम आयु के उन लोगों को रिहा किया जाए जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून अपने हाथ में लिया है या किसी प्रकार की ज्यादती की है तो उसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।