पटना : ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और वोट-बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ की केवल पहली दो पंक्तियां गाने के पुराने निर्णय को अपनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रजागरण का प्रतीक बनाने वाले देशभक्तों और बलिदानियों की भावनाओं का अपमान है।

भाजपा नेता ने कहा कि 1937 में मुस्लिम लीग और कुछ मुस्लिम नेताओं के विरोध के बाद कांग्रेस ने सार्वजनिक आयोजनों के लिए गीत की दो पंक्तियों को स्वीकार किया था। उनके मुताबिक, आजादी के 79 साल बाद भी कांग्रेस का उसी व्यवस्था को जारी रखना उसकी वोट-बैंक की राजनीति को दर्शाता है।

पटेल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की चेतना का प्रतीक रहा है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह आज भी 1937 की राजनीतिक परिस्थितियों को स्वतंत्र भारत की राष्ट्रीय चेतना से ऊपर रखती है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि देशभक्ति किसी धर्म, जाति या वोट-बैंक से जुड़ी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से तुष्टिकरण की राजनीति से ऊपर उठकर स्वतंत्रता सेनानियों की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।

प्रेम रंजन पटेल ने कांग्रेस के फैसले को लेकर कानूनी रूप से भी गंभीर आरोप लगाया और इसे ‘राष्ट्रद्रोह’ की श्रेणी में आने वाला निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक लाभ से जोड़ने की कांग्रेस की सोच पर सवाल उठ रहे हैं।