NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों पर अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल दिल्ली के जंतर-मंतर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से अदालत ने इस मुद्दे से संबंधित सभी याचिकाओं को एक साथ सुनने का फैसला किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस तरह के मामलों के लिए पूरे देश में लागू होने वाली स्पष्ट गाइडलाइन तैयार की जाएगी।
Supreme Court on UG-NEET Protest:सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, पेपर लीक प्रदर्शन से जुड़ी सभी याचिकाओं पर मंगलवार को होगी सुनवाईSource : NDTV.com
मंगलवार को होगी सभी याचिकाओं पर सुनवाई
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अदालत मंगलवार को NEET पेपर लीक प्रदर्शन से जुड़ी सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ किसी एक प्रदर्शन स्थल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है। इसलिए अलग-अलग राज्यों में दायर सभी संबंधित मामलों पर एक साथ विचार किया जाएगा। अदालत ने संकेत दिए कि भविष्य में ऐसे आंदोलनों से जुड़े मामलों के लिए एक समान कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था तैयार की जाएगी।
पूरे देश के लिए बनेगी नई गाइडलाइन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके अपनाने के बजाय पूरे देश के लिए एक समान प्रोटोकॉल होना चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अदालत ऐसी गाइडलाइन तैयार करेगी, जिससे प्रदर्शनकारियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा भी हो और कानून-व्यवस्था भी प्रभावी ढंग से बनाए रखी जा सके। उन्होंने कहा कि सभी उपाय लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए।
पुलिस की तैयारी पर कोर्ट ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने पुलिस की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अदालत यह जानना चाहती है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को संभालने के दौरान पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और आवश्यक संसाधन क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं चीफ जस्टिस ने कहा कि यदि किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में असामाजिक तत्व घुस आते हैं तो उस स्थिति से निपटने के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था और दिशा-निर्देश होने चाहिए।
शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है और इस अधिकार की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्रदर्शन होने की वजह से पुलिस बल प्रयोग या लाठीचार्ज नहीं कर सकती। अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप होना चाहिए।
निष्पक्ष जांच पर भी दिया जोर
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान किसी भी पक्ष की ओर से ज्यादती हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि चाहे आरोप प्रदर्शनकारियों पर हों या पुलिस पर, हर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है। अदालत का मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा।
देशभर की नजरें अब मंगलवार की सुनवाई पर
अब पूरे देश की निगाहें मंगलवार को होने वाली इस अहम सुनवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में ऐसे महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी कर सकता है, जो भविष्य में बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों, पुलिस की कार्रवाई और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाने का आधार बनेंगे। NEET पेपर लीक विवाद से जुड़े छात्र संगठनों, राज्य सरकारों और प्रशासनिक एजेंसियों की भी इस सुनवाई पर खास नजर रहेगी।
