नई दिल्ली। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को लेकर आमतौर पर घंटों पढ़ाई, कोचिंग और मोटी-मोटी किताबों की चर्चा होती है, लेकिन नोएडा की करिश्मा चौहान की सफलता की कहानी इससे काफी अलग है। उन्होंने अपनी तैयारी में सेल्फ स्टडी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल किया और यहां तक कि पढ़ाई के दौरान मूवी और वेब सीरीज चलाने की अपनी आदत को भी बनाए रखा। इसी अलग अंदाज की तैयारी के दम पर करिश्मा चौहान ने UP PCS 2024 परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल की और SDM बनीं।

erere | Source: rererदूसरे प्रयास में हासिल की 17वीं रैंक

करिश्मा चौहान ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी UPPSC की कंबाइंड स्टेट/अपर सबऑर्डिनेट सर्विसेज (PCS) 2024 परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल की। महज 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर टॉप-20 में जगह बनाई। खास बात यह रही कि यह उनका दूसरा प्रयास था।

पहले प्रयास में करिश्मा PCS प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई थीं। इस असफलता के बावजूद उन्होंने तैयारी छोड़ने के बजाय अपनी कमियों को पहचानने पर ध्यान दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया और दूसरे प्रयास में बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा दी। परिणाम आया तो उन्होंने 17वीं रैंक हासिल कर SDM पद के लिए अपनी जगह बनाई।

पिता ने बताया था PCS का सपना

करिश्मा चौहान मूल रूप से नोएडा की रहने वाली हैं और एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी मां हाउसवाइफ हैं। उनकी एक छोटी बहन भी है। करिश्मा ने कई इंटरव्यू में अपनी सफलता की कहानी साझा की है।

उन्होंने बताया था कि UP PCS के बारे में उन्हें पहली बार उनके पिता ने बताया था। उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी PCS अधिकारी बने। करिश्मा ने पिता के इस सपने को अपना लक्ष्य बना लिया और इसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत शुरू कर दी।

erere | Source: erereबिना कोचिंग सेल्फ स्टडी पर किया भरोसा

करिश्मा की तैयारी का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा लिए बिना सेल्फ स्टडी के जरिए परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए अनुशासित दिनचर्या बनाई और लंबे समय तक अध्ययन किया।

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में प्रीलिम्स में मामूली अंतर से चूकने के बाद उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया। दूसरे प्रयास में उनकी तैयारी पहले से अधिक व्यवस्थित थी। उन्होंने बताया कि वह दिन में करीब 14 से 15 घंटे तक पढ़ाई करती थीं।

करिश्मा के मुताबिक, खुद पर विश्वास ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। उनके लिए असफलता रुकने की वजह नहीं बनी, बल्कि तैयारी को और मजबूत करने का आधार बनी।

AI को बनाया पढ़ाई का स्मार्ट टूल

करिश्मा चौहान की सफलता की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उनकी तैयारी में AI का इस्तेमाल है। उन्होंने UP PCS मेन्स परीक्षा की तैयारी के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया। खास तौर पर जनरल स्टडीज के पेपर-1 से पेपर-4 तक उन्होंने ChatGPT का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल किया।

उन्होंने निबंध लेखन की तैयारी के लिए भी AI की मदद ली। करिश्मा ने बताया कि उन्होंने करीब 20 से 30 निबंध तैयार किए थे और इनमें से तीन निबंध परीक्षा में हूबहू आ गए थे। यही वजह है कि उनकी तैयारी में AI के इस्तेमाल की चर्चा उनकी सफलता की कहानी का खास हिस्सा बन गई।

पढ़ाई के दौरान मूवी और वेब सीरीज भी देखती थीं

करिश्मा की स्टडी रूटीन का एक और पहलू सामान्य तैयारी से अलग था। उन्होंने बताया कि वह पढ़ाई के दौरान कभी-कभी मूवी या वेब सीरीज चलाकर रखती थीं। उनका कहना था कि इससे उनका कॉन्सन्ट्रेशन बेहतर रहता था।

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, “मेरी एक आदत है कि कोई भी वेब सीरीज या मूवी चलाकर पढ़ती हूं तो मेरा कॉन्सन्ट्रेशन ज्यादा अच्छा होता है।”

उनकी यह आदत भले ही पारंपरिक पढ़ाई के तरीके से अलग हो, लेकिन करिश्मा ने अपनी तैयारी में ऐसे तरीके को अपनाया जिससे उन्हें लंबे समय तक पढ़ाई करने में मदद मिलती थी।

करेंट अफेयर्स पर रखा खास फोकस

UP PCS की तैयारी को लेकर करिश्मा ने बताया कि उनका ज्यादा फोकस करेंट अफेयर्स पर रहा। उनका मानना था कि PCS परीक्षा में सफलता के लिए करीब 60 से 70 प्रतिशत तथ्यों पर मजबूत पकड़ होना जरूरी है।

उन्होंने अपनी तैयारी में सामान्य अध्ययन के अलग-अलग हिस्सों पर ध्यान देने के साथ-साथ समसामयिक घटनाओं को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया। मेन्स परीक्षा के लिए उत्तर लेखन और निबंध की तैयारी में भी उन्होंने व्यवस्थित तरीके से काम किया।

पहली असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी

करिश्मा चौहान की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो किसी प्रतियोगी परीक्षा में पहली कोशिश में सफल नहीं हो पाते। उनका पहला प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका था। वह PCS प्रीलिम्स में ही मामूली अंतर से पीछे रह गई थीं।

लेकिन उन्होंने इस असफलता को अंतिम परिणाम नहीं माना। अपनी कमियों का आकलन करने के बाद उन्होंने तैयारी में बदलाव किया और दूसरे प्रयास में पहले से ज्यादा अनुशासन के साथ पढ़ाई की। 14 से 15 घंटे की पढ़ाई, करेंट अफेयर्स पर फोकस और AI जैसे आधुनिक साधनों का इस्तेमाल उनकी रणनीति का हिस्सा बना।

शिक्षा भी रही मजबूत

करिश्मा चौहान की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी मजबूत रही है। उनकी स्कूली शिक्षा नोएडा के एक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और जूलॉजी ऑनर्स में बैचलर डिग्री हासिल की। बाद में उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी IGNOU से पोस्ट-ग्रेजुएट पढ़ाई पूरी की।

पढ़ाई के अलावा करिश्मा को बैडमिंटन खेलना और खाना बनाना भी पसंद है। उनकी सफलता यह दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ व्यक्तिगत रुचियों के लिए भी समय निकाला जा सकता है, बशर्ते पढ़ाई की दिनचर्या अनुशासित हो।

अब UPSC पास करना है अगला लक्ष्य

UP PCS 2024 में 17वीं रैंक हासिल कर SDM बनने के बाद भी करिश्मा चौहान ने अपनी तैयारी को विराम नहीं दिया है। उन्होंने बताया है कि अब उनका लक्ष्य UPSC परीक्षा पास करना है। वह अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ UPSC की तैयारी जारी रखने की योजना रखती हैं।

उनकी कहानी में एक तरफ पहली कोशिश की असफलता है, तो दूसरी तरफ उसी अनुभव से सीखकर दूसरे प्रयास में टॉप-20 में जगह बनाने की उपलब्धि भी है। यही वजह है कि उनकी सफलता उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है जो किसी प्रतियोगी परीक्षा में असफलता के बाद दोबारा तैयारी शुरू करते हैं।

अभ्यर्थियों को करिश्मा की खास सलाह

करिश्मा चौहान ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मेहनत और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि उम्मीदवारों को तब तक प्रयास करते रहना चाहिए, जब तक वे अपने लक्ष्य को हासिल न कर लें।

उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा था, “खूब मेहनत करें और तब तक काम करते रहें जब तक आप कुछ हासिल न कर लें। खुद पर भरोसा रखें और आप जरूर सफल होंगे।”