1शत्रुघ्न सिन्हा ने परिवार की पॉलिटिकल सलाह पर चुप्पी तोड़ी।Source : NEWS 18

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए बड़े बदलाव और विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार के बाद कई नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। ऐसे राजनीतिक माहौल में टीएमसी सांसद और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपने फैसले पर अडिग रहे और ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े दिखाई दिए। हाल ही में उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर अपनी बात रखते हुए बताया कि उनका यह फैसला राजनीति से ज्यादा रिश्तों और विश्वास से जुड़ा हुआ है। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार के राजनीतिक विचारों, बेटी सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया और दामाद जहीर इकबाल को लेकर भी कई दिलचस्प बातें साझा कीं। खास बात यह रही कि जब उन्होंने बताया कि चुनावी हार के बाद सोनाक्षी ने उनसे क्या कहा, तो उस पल को याद करते हुए वह खुद भी भावुक हो गए।

मुश्किल वक्त में ममता ने साथ दिया, इसलिए मैं उनका साथ नहीं छोड़ सकता

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उनके लिए राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भरोसे और रिश्तों को निभाने का भी नाम है। उन्होंने बताया कि जब उनके जीवन में कठिन दौर था, तब ममता बनर्जी ने उनका साथ दिया और उन पर भरोसा जताया। ऐसे में जब पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है, तो उनका साथ छोड़ना उनके सिद्धांतों के खिलाफ होगा।

उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजे चाहे जैसे भी हों, लेकिन जो लोग मुश्किल समय में साथ खड़े रहे हों, उन्हें केवल राजनीतिक परिस्थितियों के कारण छोड़ देना सही नहीं माना जा सकता। यही वजह है कि उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया।

बेटों की राजनीति में रुचि, लेकिन सोनाक्षी ने हमेशा बनाई दूरी

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने परिवार के राजनीतिक विचारों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे लव की राजनीति में अच्छी-खासी रुचि है और उनका झुकाव भारतीय जनता पार्टी की ओर है। वहीं छोटे बेटे कुश फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी हालिया फिल्म निकिता रॉय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चर्चा में रही। उन्होंने यह भी बताया कि कुश भाजपा नेताओं के बच्चों के एक समूह से जुड़े हुए हैं।

हालांकि, बेटी सोनाक्षी सिन्हा को लेकर उन्होंने साफ कहा कि उनकी राजनीति में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं है। कई लोगों ने सुझाव दिया था कि अगर सोनाक्षी राजनीति में आती हैं तो पार्टी को फायदा मिल सकता है, लेकिन उन्होंने कभी इस दिशा में रुचि नहीं दिखाई। सोनाक्षी अपने अभिनय करियर और निजी जिंदगी पर ही पूरा ध्यान देना पसंद करती हैं।

मुझे आप पर गर्व है, बेटी की बात सुनकर भावुक हो गए शत्रुघ्न सिन्हा

शत्रुघ्न सिन्हा ने बातचीत के दौरान एक बेहद भावुक पल का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि चुनावी हार और पार्टी में टूट-फूट के बाद उन्हें लगा था कि शायद उनकी बेटी उनसे पूछेगी कि जब दूसरे नेता पार्टी छोड़ रहे हैं तो उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया। लेकिन सोनाक्षी ने जो कहा, उसने उन्हें भीतर तक भावुक कर दिया।

उन्होंने बताया कि सोनाक्षी ने उनसे कहा, मुझे आप पर गर्व है। जब इस मुश्किल समय में लोग अपना रास्ता बदल रहे हैं, कई लोग बिक रहे हैं और हर कोई अपनी सुविधा देख रहा है, तब भी आप अपने फैसले पर मजबूती से डटे रहे।

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बेटी के ये शब्द सुनकर उन्हें बेहद सुकून मिला और उनकी आंखें नम हो गईं। उनके मुताबिक, यह उनके जीवन के सबसे भावुक पलों में से एक था, क्योंकि उन्हें अपने परिवार से वही सम्मान मिला जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी।

दामाद जहीर इकबाल और अपने राजनीतिक सफर पर भी की खुलकर बात

दामाद जहीर इकबाल के बारे में पूछे जाने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जहीर बेहद अच्छे और समझदार इंसान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहीर कभी उन्हें राजनीतिक सलाह नहीं देते। उन्होंने कहा कि सोनाक्षी और जहीर की जोड़ी एक-दूसरे के लिए बनी है और दोनों अपनी जिंदगी में बेहद खुश हैं।

अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि उन्होंने राजनीति की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की थी। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के कहने पर अपने करीबी मित्र और हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। हालांकि बाद में उन्हें इस बात का अफसोस भी रहा कि उन्हें अपने दोस्त के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरना पड़ा।

फिल्मी करियर की बात करें तो शत्रुघ्न सिन्हा ने देव आनंद की फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। विलेन के रूप में शुरुआत करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा बाद में हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय नायकों में शामिल हुए और फिर राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। आज भी वे अपने बेबाक अंदाज, स्पष्ट विचारों और रिश्तों को निभाने की मिसाल के लिए पहचाने जाते हैं।