erer | Source: rereपटना। पटना में बुधवार, 19 अगस्त 2026 को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लोकभवन मार्च के दौरान जमकर राजनीतिक हलचल देखने को मिली। मार्च में कुछ राजद कार्यकर्ता विरोध के प्रतीक के तौर पर डमी AK-47 लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो कई कार्यकर्ता पीछे हटने के बजाय पानी की तेज बौछारों के बीच डांस करते नजर आए। बाद में पटना पुलिस ने तेजस्वी यादव समेत कई राजद कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

AK-47 की डमी लेकर क्यों पहुंचे RJD कार्यकर्ता?

राजद का यह मार्च बिहार में पिछले महीने सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग के विरोध में आयोजित किया गया था। पार्टी ने इस घटना के अलावा पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मार्च में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस लिखा हुआ टी-शर्ट पहन रखा था और उनके हाथों में डमी AK-47 दिखाई दी। उनके आसपास कुछ अन्य कार्यकर्ता स्टूडेंट लिखे कपड़ों में मौजूद थे।

डमी हथियार के जरिए प्रदर्शनकारियों ने सीवान में 25 जुलाई को हुई पुलिस फायरिंग की घटना का प्रतीकात्मक विरोध किया। राजद कार्यकर्ताओं का आरोप था कि आंदोलनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लोकभवन तक मार्च निकालने का फैसला किया था।

जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च

तेजस्वी यादव की अगुवाई में राजद का मार्च बुधवार सुबह पटना के जेपी गोलंबर से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोली चलाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर विरोध जताया।

मार्च के दौरान कार्यकर्ता लोकभवन की ओर आगे बढ़ रहे थे। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ता गया।

डाकबंगला चौराहे पर टूटी बैरिकेडिंग

जेपी गोलंबर से आगे बढ़ते हुए राजद कार्यकर्ता डाकबंगला चौराहे पहुंचे। यहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और आगे बढ़ने लगे।

इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आयकर गोलंबर के पास रोकने की कोशिश की। इनकम टैक्स कार्यालय के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे। यहां भी प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने के लिए बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की।

पुलिस ने चलाया वाटर कैनन

आयकर गोलंबर के पास स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। तेज पानी की बौछारों के बावजूद कई राजद कार्यकर्ता मौके से हटे नहीं। इसके बजाय कुछ कार्यकर्ता पानी की बौछारों के बीच डांस करते दिखाई दिए।

प्रदर्शन का यह दृश्य मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। पुलिस जहां प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रही थी, वहीं कुछ कार्यकर्ता वाटर कैनन की बौछारों के बीच अपने विरोध का प्रदर्शन करते रहे।

तेजस्वी यादव समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव समेत कई राजद कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें आयकर कार्यालय के पास से लेकर सचिवालय थाना पहुंची। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को बाद में छोड़ने की बात कही गई।

तेजस्वी यादव की हिरासत के बाद राजद कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। पार्टी का यह मार्च सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था और इसे लोकभवन तक ले जाने की योजना थी।

राज्यपाल से मिलने की तैयारी

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को लोकभवन तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद राजद की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कराने की तैयारी की गई। बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर पार्टी की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा।

इस तरह राजद ने सड़क पर प्रदर्शन के साथ-साथ राज्यपाल के माध्यम से भी अपनी मांगों को रखने की तैयारी की। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़े जाने और पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल से पटना में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा।

सीवान फायरिंग और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा

राजद के इस मार्च का मुख्य मुद्दा सीवान में 25 जुलाई को हुई पुलिस फायरिंग था। पार्टी ने इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोली चलाने का विरोध किया। इसके अलावा पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगा था और वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। डमी AK-47 लेकर प्रदर्शन करना भी इसी विरोध का हिस्सा था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने डमी हथियार के जरिए पुलिस फायरिंग के मुद्दे को प्रतीकात्मक रूप से उठाया।

पटना में प्रदर्शन से बढ़ी राजनीतिक हलचल

तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुए इस मार्च ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को सामने ला दिया है। राजद ने जहां विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध जताया, वहीं पुलिस-प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को लोकभवन तक पहुंचने से रोक दिया।

मार्च के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने, वाटर कैनन चलाए जाने और तेजस्वी यादव समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं ने प्रदर्शन को खास बना दिया। वाटर कैनन की बौछारों के बीच कार्यकर्ताओं के डांस करने के दृश्य भी चर्चा में रहे।