पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब जांच के साथ-साथ आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। कारोबारी परिवार से जुड़े 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को पुलिस जहां एक सुनियोजित साजिश मान रही है, वहीं मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का परिवार इस पूरे मामले को लेकर अलग कहानी पेश कर रहा है। चेतन के चाचा का दावा है कि उनके भतीजे को जानबूझकर फंसाया जा रहा है और परिवार ने घटना से पहले सिया गोयल का नाम तक नहीं सुना था। दूसरी ओर पुलिस के हाथ लगे तकनीकी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने इस मामले को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है।केतन हत्याकांड में नया मोड़

केतन हत्याकांड में नया मोड़

लोहगढ़ किले की ट्रिप कैसे बनी मौत की कहानी?

यह मामला 18 जून का है, जब महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोनावला स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की मौत हुई। शुरुआत में घटना को एक दुर्घटना माना गया। केतन की मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस को बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में गिर गए। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी बदलती चली गई। पुलिस को घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और प्रत्यक्ष परिस्थितियों से ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने इस हादसे को कथित हत्या की दिशा में मोड़ दिया। इसके बाद सिया गोयल और उसके करीबी मित्र चेतन चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया?

जांच एजेंसियों के मुताबिक सिया गोयल और चेतन चौधरी पिछले लगभग एक साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। आरोप है कि ट्रेकिंग के बहाने केतन को लोहगढ़ किले ले जाया गया और वहां खाई की ओर धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिया और चेतन को सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है ताकि हत्या की साजिश, उसके मकसद और घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

‘फोन दुकान में छोड़ गया था’, चेतन के परिवार का बचाव

मामले में नया मोड़ तब आया जब चेतन चौधरी के चाचा उदयराम ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि परिवार ने कभी सिया गोयल का नाम तक नहीं सुना था और मीडिया में जो कहानी दिखाई जा रही है, वह एकतरफा है। उनके मुताबिक चेतन अपना मोबाइल फोन उनकी किराने की दुकान पर छोड़कर गया था, जिसे पुलिस अब संदेह की नजर से देख रही है। उदयराम का कहना है कि फोन कहीं भूल जाना कोई असामान्य बात नहीं है और परिवार का मानना है कि चेतन को इस मामले में फंसाया जा रहा है। हालांकि पुलिस इस तथ्य की भी जांच कर रही है कि चेतन ने अपना फोन दुकान पर छोड़कर एक कर्मचारी का मोबाइल क्यों इस्तेमाल किया और घटना वाले दिन उसकी गतिविधियां क्या थीं। इसी कड़ी में दुकान के कर्मचारी से भी पूछताछ की गई है।

हत्या या हादसा? अब जांच के नतीजों पर टिकी नजर

फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले में दो अलग-अलग दावे सामने हैं। बचाव पक्ष इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बता रहा है, जबकि पुलिस और मृतक के परिवार का आरोप है कि यह पूरी तरह पूर्व नियोजित हत्या थी। केतन अग्रवाल के परिजनों का कहना है कि सिया और चेतन के संबंधों की जानकारी सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। दूसरी ओर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, लोकेशन डेटा और पूछताछ के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और पुलिस की चार्जशीट यह तय करेगी कि लोहगढ़ किले की वह ट्रिप वास्तव में एक हादसा थी या फिर एक ऐसी साजिश, जिसने एक युवा कारोबारी की जिंदगी छीन ली।