पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपने क्षेत्र के लोगों के लिए एक और बड़ा ऐलान किया है। 10 हजार बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की घोषणा के एक दिन बाद प्रशांत किशोर ने अब बांकीपुर के निजी स्कूलों की फीस कम कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल संचालकों से बातचीत कर ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश की जाएगी, जिससे अभिभावकों पर फीस का आर्थिक बोझ कम हो सके। प्रशांत किशोर ने इसके लिए मार्च 2027 तक का समय बताया है।
70 प्रतिशत बच्चों की पढ़ाई निजी स्कूलों में, फीस कम करने पर चल रहा विचार
बुधवार को बांकीपुर क्षेत्र में लोगों से संवाद के दौरान प्रशांत किशोर ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक बच्चों का जीवन बेहतर नहीं हो सकता। उनके अनुसार, बांकीपुर में करीब 70 प्रतिशत लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं। ऐसे में निजी स्कूलों की फीस अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि निजी स्कूलों की फीस किस तरह कम की जा सकती है, इस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मार्च 2027 तक निजी स्कूलों के मालिकों के साथ बातचीत करके ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे फीस में कमी लाई जा सके। इस पहल का उद्देश्य निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को आर्थिक राहत दिलाना है।
वार्डवार जनसंवाद में जनता से सीधे शिकायत देने की अपील
बांकीपुर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद प्रशांत किशोर लगातार विधानसभा क्षेत्र में वार्डवार जनसभाएं और जनसंवाद कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने बोरिंग कैनाल रोड और मीठापुर में लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि क्षेत्र में किसी भी तरह की समस्या होने पर वे इसकी जानकारी विधायक कार्यालय को दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम, सरकारी इंजीनियर, थानेदार या कोई अन्य अधिकारी काम नहीं कर रहा है, तो इसकी शिकायत विधायक कार्यालय में की जा सकती है। इसके अलावा यातायात से जुड़ी समस्या या किसी कर्मचारी द्वारा पैसे मांगने जैसी शिकायतों को भी सामने लाने की अपील की गई। प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता की ओर से सामने आने वाली ऐसी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा और लोगों की शिकायत के आधार पर संबंधित स्तर पर काम कराया जाएगा।
मुफ्त अनाज को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा दावा
प्रशांत किशोर ने गरीब परिवारों को मिलने वाले मुफ्त अनाज को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीने में गरीब लोगों को उनके हिस्से का पूरा 5 किलोग्राम अनाज मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुफ्त अनाज के वितरण में 30 प्रतिशत की चोरी होती है और यह राशि विधायक, सांसद और अधिकारियों के बीच बंटती है।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि लोगों को निर्धारित 5 किलोग्राम अनाज के बजाय 4 किलोग्राम ही मुफ्त अनाज मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि गरीबों को हर हाल में उनके हिस्से का पूरा 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज मिले। हालांकि, मुफ्त अनाज वितरण में 30 प्रतिशत चोरी के उनके आरोप उनके द्वारा लगाए गए दावे हैं।
एक दिन पहले 10 हजार युवाओं को नौकरी का किया था ऐलान
प्रशांत किशोर ने मंगलवार को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की घोषणा की थी। उन्होंने पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं से अपना अद्यतन जीवनवृत्त और बायोडाटा विधायक कार्यालय में जमा कराने को कहा था।
प्रशांत किशोर ने कहा था कि वह अपने संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए इन युवाओं के लिए देशभर में निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाशेंगे। उन्होंने अगले एक-दो साल में बांकीपुर के 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने की बात कही थी। इस घोषणा के बाद अब शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों की फीस कम कराने का ऐलान उनके क्षेत्र में दूसरा प्रमुख मुद्दा बन गया है।
भाजपा ने नौकरी के ऐलान पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर के 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने के वादे पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने इस घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो प्रशांत किशोर बिहार से पलायन रोकने की बात करते हैं, वही अब बच्चों को नौकरी के लिए बिहार से बाहर भेजने की बात कर रहे हैं।
भाजपा नेताओं की इस टिप्पणी पर प्रशांत किशोर ने बुधवार को पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में दम है तो वह यह कहकर दिखाए कि बांकीपुर के बच्चों को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। इस बयान के जरिए उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।
बांकीपुर में रोजगार के बाद शिक्षा और जनसुविधाओं पर जोर
प्रशांत किशोर के हालिया बयानों से साफ है कि बांकीपुर में उनकी प्राथमिकताओं में रोजगार, शिक्षा, राशन वितरण और स्थानीय जनसमस्याओं जैसे मुद्दे शामिल हैं। पहले 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने की घोषणा और उसके बाद निजी स्कूलों की फीस कम कराने का वादा उनके हालिया जनसंवाद का प्रमुख हिस्सा रहा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएं सीधे विधायक कार्यालय तक पहुंचाएं। उन्होंने नगर निगम से जुड़े मामलों से लेकर सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली, यातायात और कर्मचारियों द्वारा पैसे मांगने जैसी शिकायतों को भी सामने लाने की बात कही है।
मार्च 2027 की समयसीमा पर टिकी नजर
निजी स्कूलों की फीस कम कराने के लिए प्रशांत किशोर ने मार्च 2027 तक की समयसीमा बताई है। अब उनके इस वादे के तहत निजी स्कूल संचालकों के साथ किस तरह बातचीत होती है और फीस में कमी के लिए किस प्रकार की व्यवस्था तैयार की जाती है, यह आगे महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल उन्होंने अभिभावकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से निजी स्कूलों की फीस कम कराने की बात कही है।
बांकीपुर में 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाने के ऐलान के बाद निजी स्कूलों की फीस कम कराने का वादा प्रशांत किशोर का दूसरा बड़ा सार्वजनिक आश्वासन है। इसके साथ ही उन्होंने मुफ्त अनाज के वितरण में कथित अनियमितताओं को रोकने और स्थानीय समस्याओं के समाधान का भी दावा किया है। इन घोषणाओं के जरिए उन्होंने रोजगार, शिक्षा और बुनियादी जनसमस्याओं को लेकर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखी हैं।
