eree | Source: ereनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाने के लिए उनके प्रदर्शन की सराहना की। इसी मुलाकात के दौरान भारतीय हेवीवेट मुक्केबाज और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के रजत पदक विजेता नरेंद्र बेरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान के एक बॉक्सर से जुड़ा पुराना किस्सा सुनाया। बेरवाल की कहानी सुनते ही प्रधानमंत्री मोदी हंस पड़े और वहां मौजूद अन्य खिलाड़ी भी मुस्कुराने लगे।

जब नरेंद्र बेरवाल ने सुनाया पाकिस्तान से जुड़ा पुराना किस्सा

नरेंद्र बेरवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान की बात चल रही है तो उन्हें एक पुराना किस्सा याद आ गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स के दौरान उनकी पहली भिड़ंत एक पाकिस्तानी बॉक्सर से हुई थी। उस समय मुकाबले को लेकर अधिकारियों की ओर से उन्हें फोन भी आए थे और कहा गया था कि पाकिस्तान से मुकाबला हारना नहीं है।

बेरवाल के मुताबिक, उन्होंने मुकाबले का पहला राउंड 4-1 से अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे राउंड में भी उन्होंने 3-2 से बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, मुकाबले के दौरान दोनों मुक्केबाजों के सिर आपस में टकरा गए थे, जिसके कारण दोनों को चोट लगी और कट भी आया। इसके बावजूद बेरवाल ने मुकाबला जीत लिया।

मुकाबले के बाद अस्पताल पहुंचे दोनों खिलाड़ी

नरेंद्र बेरवाल ने बताया कि मुकाबला खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ी अस्पताल गए, जहां उनके कट पर टांके लगाए गए। इसी दौरान पाकिस्तानी बॉक्सर के साथ उनकी बातचीत हुई। बेरवाल ने बताया कि उस समय उनके साथ भारतीय सेना के कोच के रूप में नरेंद्र राणा भी गए थे।

बेरवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे। ऐसे में उस समय उनके साथ मौजूद भारतीय टीम के कोच का नाम नरेंद्र राणा था और उनका अपना नाम भी नरेंद्र था। यही बात बाद में पाकिस्तानी बॉक्सर के लिए बातचीत का मजेदार हिस्सा बन गई।

पाकिस्तानी बॉक्सर ने कही ऐसी बात, नरेंद्र नाम बन गया चर्चा का विषय

नरेंद्र बेरवाल के अनुसार, पाकिस्तानी बॉक्सर ने कुछ देर सोचने के बाद उनसे कहा, ''भाईजान, एक बात बोलूं।'' बेरवाल ने जवाब दिया कि हां, बोलो। इसके बाद पाकिस्तानी बॉक्सर ने कहा, ''भाईजान आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है। मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।''

बेरवाल के इस किस्से को सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हंसी नहीं रोक सके। वहां मौजूद अन्य एथलीट भी इस बातचीत पर मुस्कुराते नजर आए। प्रधानमंत्री के सामने भारतीय मुक्केबाज द्वारा सुनाया गया यह किस्सा अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के खिलाड़ियों से हुई मुलाकात के दौरान के यादगार पलों में शामिल हो गया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में नरेंद्र बेरवाल ने जीता रजत पदक

नरेंद्र बेरवाल ने हाल ही में ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उनकी उपलब्धि भारतीय मुक्केबाजी के लिए भी महत्वपूर्ण रही। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक जीते और पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा।

भारत के खाते में कुल 39 पदक आए, जिनमें 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल रहे। भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पदक तालिका में चौथे स्थान तक पहुंचाया।

मुक्केबाजी में भारत का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुक्केबाजी भारत के लिए सबसे अधिक पदक दिलाने वाला खेल रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने इस प्रतियोगिता में कुल 10 पदक जीते। इनमें सात स्वर्ण पदक शामिल रहे। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह भारत का मुक्केबाजी में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन बताया गया है।

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने भी इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। भारत को मुक्केबाजी में मिले सात स्वर्ण पदकों में से पांच स्वर्ण पदक महिला मुक्केबाजों ने जीते। इस प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला मुक्केबाजी की मजबूत मौजूदगी को भी सामने रखा।

जूडो में भी भारत ने रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को मुक्केबाजी के अलावा जूडो में भी ऐतिहासिक सफलता मिली। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के प्रदर्शन को और मजबूत किया। इन दोनों स्वर्ण पदकों की बदौलत भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के किसी एक संस्करण में जूडो में दो स्वर्ण पदक हासिल किए।

जूडो में भारत ने कुल चार पदक अपने नाम किए। इस प्रदर्शन ने खेलों में भारत की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी रेखांकित किया।

भारोत्तोलन में भी भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

भारोत्तोलन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय भारोत्तोलकों ने प्रतियोगिता में कुल आठ पदक जीते। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन करते हुए भारत की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने भी अपने शानदार करियर में एक और स्वर्ण पदक जोड़ लिया। उनके प्रदर्शन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय भारोत्तोलन की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया।

प्रधानमंत्री से मुलाकात में खिलाड़ियों के अनुभव बने खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय खिलाड़ियों की मुलाकात के दौरान केवल पदक और प्रदर्शन की चर्चा नहीं हुई, बल्कि खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। नरेंद्र बेरवाल का 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स से जुड़ा किस्सा इसी बातचीत का एक खास हिस्सा रहा।

एक ओर नरेंद्र बेरवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया, वहीं प्रधानमंत्री के सामने उनके द्वारा सुनाया गया पुराना किस्सा बातचीत में हल्का-फुल्का और यादगार पल लेकर आया। पाकिस्तानी बॉक्सर की उस टिप्पणी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हंसी ने इस पूरे प्रसंग को और दिलचस्प बना दिया।

39 पदकों के साथ भारत का मजबूत प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक हासिल किए और पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। मुक्केबाजी में 10 पदक, जूडो में चार पदक और भारोत्तोलन में आठ पदक भारतीय खिलाड़ियों की सफलता के प्रमुख हिस्से रहे। नरेंद्र बेरवाल का रजत पदक भी इसी सफल अभियान का हिस्सा है।