जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ED की छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि कांग्रेस नेता अजय राय ने कार्रवाई को आजम खान को कमजोर करने की कोशिश बताया।
OP Rajbhar Statement:"‘ये लोग नहीं चाहते कि आजम खान जिंदा रहें’"-Azam Khan पर ED Raid के बीच सियासी घमासान, OP Rajbhar OP Rajbhar का बड़ा बयान-Source : ANI.com
लखनऊ | 19 अगस्त 2026
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े जौहर यूनिवर्सिटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। ED ने बुधवार, 19 अगस्त को आजम खान से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इसी बीच योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के लोग नहीं चाहते कि आजम खान जिंदा रहें। उन्होंने इस बयान के लिए अखिलेश यादव और सपा के अन्य नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि सपा नेता रात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते हैं और दिन में बीजेपी की आलोचना करते हैं।
ED Raid के बाद Rajbhar का बड़ा बयान
ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता रात के समय योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें घटनाक्रम की जानकारी देते हैं और फिर जांच की मांग करते हैं। उनके मुताबिक, इसके बाद सुबह संबंधित जगहों पर छापेमारी शुरू हो जाती है।
राजभर ने पूरे मामले के लिए अखिलेश यादव और उनके चाचा को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि जब उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी, तब रकम के लेन-देन का लेखा-जोखा सामने आना चाहिए था।
हालांकि, राजभर के इन आरोपों के समर्थन में इस खबर में कोई स्वतंत्र प्रमाण या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।
Ajay Rai ने Azam Khan का किया बचाव
वहीं कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने आजम खान का पक्ष लेते हुए सरकार पर निशाना साधा। राय ने आरोप लगाया कि आजम खान को परेशान करने और उन्हें कमजोर करने के उद्देश्य से ED की छापेमारी की गई है।
इस तरह ED की कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
BJP ने क्या कहा?
बीजेपी विधायक रमेश जायसवाल ने ED की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ED एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और सरकार के अधीन कई ऐसी संस्थाएं हैं जो जांच एजेंसी के रूप में काम करती हैं।
रमेश जायसवाल के मुताबिक, जब जांच एजेंसियों को किसी मामले में नियमों के उल्लंघन या अनियमितता की जानकारी मिलती है तो वे अपनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर आजम खान से जुड़े ठिकानों पर ED की रेड हुई है तो संभव है कि एजेंसी के पास कुछ पुख्ता सबूत या महत्वपूर्ण जानकारी हो, जिसके आधार पर तलाशी ली जा रही हो।
किन जगहों पर चल रही है ED की कार्रवाई?
ED अधिकारियों के मुताबिक, आजम खान से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली के स्थान भी शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जिन परिसरों की तलाशी ली जा रही है, उनमें ट्रस्ट और जौहर अली यूनिवर्सिटी से जुड़े स्थान भी शामिल हैं।
फिलहाल ED की कार्रवाई के बीच सामने आए राजनीतिक बयानों ने मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। एक तरफ बीजेपी और योगी सरकार के मंत्री जांच एजेंसी की कार्रवाई को प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस और विपक्षी नेताओं की ओर से इसे राजनीतिक दबाव और आजम खान को कमजोर करने की कार्रवाई बताया जा रहा है। मामले में ED की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी को तलाशी के दौरान क्या जानकारी या सबूत मिले हैं।
