नई दिल्ली। हार्ट अटैक का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले सीने में तेज दर्द या भारीपन की तस्वीर आती है। हालांकि, दिल से जुड़ी गंभीर समस्या के संकेत हमेशा सिर्फ सीने तक सीमित नहीं होते। कई बार हार्ट अटैक के दौरान शरीर के दूसरे हिस्सों में दर्द या असहजता महसूस हो सकती है और लोग इसे सामान्य दर्द, गैस, अपच या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, हार्ट अटैक के दौरान दर्द या असहजता शरीर के कुछ अन्य हिस्सों में भी महसूस हो सकती है। इसलिए अचानक या असामान्य दर्द को केवल सामान्य शारीरिक समस्या मानकर छोड़ना सही नहीं है। खासकर जब दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, घबराहट, कमजोरी, मतली या अन्य असामान्य लक्षण भी मौजूद हों।
सीने में दबाव और भारीपन हो सकता है शुरुआती संकेत
हार्ट अटैक के दौरान सीने के बीच में दर्द, दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होना आम लक्षणों में शामिल है। कुछ लोगों को ऐसा लग सकता है जैसे सीने पर कुछ भारी रखा हो या सीना दब रहा हो। यह असहजता कुछ मिनटों तक रह सकती है, कम हो सकती है और फिर दोबारा शुरू भी हो सकती है।
लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति में हार्ट अटैक के दौरान एक जैसा दर्द हो। यही वजह है कि शरीर के दूसरे हिस्सों में होने वाली असामान्य तकलीफ को भी समझना महत्वपूर्ण है।
1. हाथ और कंधे का दर्द भी हो सकता है संकेत
हार्ट अटैक के दौरान दर्द एक या दोनों हाथों में महसूस हो सकता है। यह दर्द कंधे से शुरू होकर हाथ और कभी-कभी उंगलियों की ओर फैल सकता है। कुछ मामलों में दर्द लगातार रह सकता है, जबकि कभी यह कुछ समय के लिए कम होकर दोबारा शुरू हो सकता है।
ऐसे दर्द को हमेशा केवल मांसपेशियों में खिंचाव या हाथ की सामान्य समस्या मान लेना ठीक नहीं है। यदि हाथ या कंधे के दर्द के साथ सीने में दबाव, सांस फूलना, पसीना, कमजोरी या बेचैनी जैसे लक्षण भी हों तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
2. गर्दन, जबड़े और पीठ के दर्द को भी समझें
हार्ट अटैक के दौरान दर्द गर्दन, जबड़े या पीठ में भी महसूस हो सकता है। यह दर्द अचानक शुरू हो सकता है और लगातार बना रह सकता है। कई बार यह सीने में होने वाली असहजता के साथ दिखाई देता है।
खासकर ऐसा दर्द जो व्यक्ति के लिए असामान्य हो और बिना किसी स्पष्ट वजह के अचानक शुरू हुआ हो, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण कई बार पुरुषों की तुलना में अलग तरीके से सामने आ सकते हैं, इसलिए केवल सीने के दर्द का इंतजार करना उचित नहीं है।
3. पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द को गैस समझने की गलती न करें
पेट दर्द को अक्सर लोग गैस, अपच, कब्ज या पेट की सामान्य समस्या से जोड़ देते हैं। लेकिन हार्ट अटैक के दौरान पेट के ऊपरी हिस्से में भी दर्द या असहजता महसूस हो सकती है।
यही कारण है कि अचानक होने वाले असामान्य ऊपरी पेट के दर्द को केवल पाचन संबंधी समस्या मानकर छोड़ना उचित नहीं है। यदि पेट की तकलीफ के साथ सांस फूलना, कमजोरी, पसीना, मतली या सीने में दबाव जैसे लक्षण भी दिखाई दें तो स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए।
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग तरह से दिख सकते हैं
हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण महिलाओं और पुरुषों दोनों में सीने का दर्द या असहजता हो सकता है। हालांकि, महिलाओं में कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें अक्सर दिल की समस्या से जोड़कर नहीं देखा जाता।
महिलाओं में घबराहट या बेचैनी, सांस लेने में परेशानी, सांस फूलना, जी मिचलाना, उल्टी, पेट खराब या अपच जैसी समस्या और बिना अधिक मेहनत के असामान्य थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है।
इन लक्षणों का मतलब हर बार हार्ट अटैक होना नहीं है, लेकिन अचानक, गंभीर या असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
दर्द के साथ ये संकेत दिखें तो तुरंत सावधान हों
अगर शरीर के किसी हिस्से में अचानक दर्द या असहजता के साथ सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, चक्कर, मतली, घबराहट या सीने में दबाव महसूस हो रहा है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे समय में खुद से बीमारी का अनुमान लगाने या लक्षणों के अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
हार्ट अटैक एक आपातकालीन स्थिति है, इसलिए समय पर चिकित्सा सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है। विशेष रूप से अचानक शुरू हुए और लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सिर्फ सीने के दर्द का इंतजार करना पड़ सकता है भारी
हार्ट अटैक के संकेत हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। सीने में दर्द और भारीपन महत्वपूर्ण संकेत हैं, लेकिन हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से में होने वाली असामान्य तकलीफ भी ध्यान देने योग्य हो सकती है। महिलाओं में सांस फूलना, मतली और असामान्य थकान जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
इसलिए शरीर में अचानक होने वाले असामान्य दर्द या अन्य गंभीर लक्षणों को सामान्य समझकर टालने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय मदद लेना अधिक सुरक्षित है। सही समय पर पहचान और चिकित्सा सहायता हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण होती है।
