चंदौली जिले में शिक्षा, तकनीक और कृषि को एक साथ जोड़कर विकास की नई दिशा देने की मांग तेज होती जा रही है। सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह (डब्लू) ने जिले के समग्र विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण विजन सामने रखा है। उन्होंने कहा कि चंदौली की मिट्टी और यहां के युवाओं में अपार क्षमता है, लेकिन इस क्षमता को सही दिशा देने के लिए आधुनिक शिक्षा और तकनीक का सहारा लेना जरूरी है।

पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ने एग्रीकल्चर (कृषि), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर जोर देते हुए कहा कि आज के समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को अपनी फसल की मार्केटिंग का ज्ञान नहीं होगा, तब तक उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। ऐसे में कृषि शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि चंदौली एक कृषि प्रधान जिला है, जहां धान और गेहूं जैसी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। इसके बावजूद किसान आर्थिक रूप से उतना सशक्त नहीं हो पाए हैं, जितना होना चाहिए। इसका मुख्य कारण बाजार और तकनीकी जानकारी की कमी है। यदि जिले में एग्रीकल्चर कॉलेज की स्थापना होती है, तो किसानों और युवाओं को नई तकनीकों, आधुनिक खेती के तरीकों और मार्केटिंग स्किल्स का प्रशिक्षण मिल सकेगा।

AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कॉलेज की स्थापना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया तकनीक के युग में आगे बढ़ रही है। ऐसे में चंदौली के युवाओं को भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि वे देश और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकेंगे।

स्पोर्ट्स कॉलेज की जरूरत पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उचित प्रशिक्षण और संसाधनों के अभाव में वे अपनी प्रतिभा को निखार नहीं पाते। यदि चंदौली में स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना होती है, तो यहां के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

गौरतलब है कि जब मनोज कुमार सिंह सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे, उस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सेना भर्ती को बढ़ावा देने, युवाओं को प्रेरित करने और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके कार्यकाल में सड़कों, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार से जुड़े कई कार्य किए गए, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली।

अब एक बार फिर उन्होंने चंदौली के विकास के लिए एक दीर्घकालिक योजना पेश की है, जिसमें शिक्षा, तकनीक और खेल को मुख्य आधार बनाया गया है। उनका मानना है कि यदि इन तीनों क्षेत्रों में निवेश किया जाता है, तो चंदौली न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में विकास का एक मॉडल बन सकता है।

स्थानीय लोगों और युवाओं ने भी इस पहल का समर्थन किया है और उम्मीद जताई है कि सरकार इस दिशा में जल्द ही ठोस कदम उठाएगी। यदि यह योजना साकार होती है, तो चंदौली के विकास की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।