महेश दीक्षित 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं।Source : Bharat24
देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को देश की सबसे महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का नया निदेशक नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित मौजूदा आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे और 30 जून से दो वर्ष के कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे। लंबे समय तक खुफिया अभियानों, आतंकवाद-रोधी रणनीतियों और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम कर चुके महेश दीक्षित को देश के सबसे अनुभवी खुफिया अधिकारियों में गिना जाता है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब देश के सामने आंतरिक सुरक्षा, सीमा पार आतंकवाद और साइबर खतरों जैसी कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं।
महेश दीक्षित को मिली आईबी की कमान
केंद्र सरकार ने गुरुवार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का नया निदेशक नियुक्त करने का फैसला किया। उनकी नियुक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है। महेश दीक्षित वर्तमान में आईबी में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और 30 जून को मौजूदा निदेशक तपन कुमार डेका का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह आधिकारिक रूप से पदभार संभालेंगे। सरकार ने उन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया है। तपन कुमार डेका जून 2022 से आईबी प्रमुख थे और उन्हें दो बार सेवा विस्तार भी दिया गया था।
26 साल का खुफिया अनुभव, जम्मू-कश्मीर में निभाई अहम भूमिका
महेश दीक्षित 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, और उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा इंटेलिजेंस ब्यूरो में बिताया है। बताया जाता है कि उन्हें खुफिया अभियानों का 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में दो अलग-अलग कार्यकाल के दौरान काम किया, जहाँ आतंकवाद, पत्थरबाजी, अनुच्छेद 370 हटने के बाद की सुरक्षा व्यवस्था और हाइब्रिड आतंकवाद जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों, लद्दाख, हैदराबाद, पटना और कोहिमा जैसे क्षेत्रों में भी विभिन्न जिम्मेदारियाँ संभालीं। अपने लंबे अनुभव के कारण, उन्हें देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।
क्या होती है आईबी की जिम्मेदारी और क्यों अहम है यह नियुक्ति?
इंटेलिजेंस ब्यूरो भारत की सबसे पुरानी और प्रमुख घरेलू खुफिया एजेंसी है, जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। एजेंसी का मुख्य काम देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े खतरों की जानकारी जुटाना, आतंकवाद, उग्रवाद, जासूसी गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नजर रखना तथा केंद्र और राज्य सरकारों को समय-समय पर खुफिया इनपुट उपलब्ध कराना होता है। मौजूदा समय में जब देश साइबर सुरक्षा, सीमा पार आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा जैसी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में महेश दीक्षित की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मिलेगा।
