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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधानसभा में नियम 293 के तहत मुंबई और आसपास के शहरों के विकास के बारे में चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला किया। अपने भाषण के दौरान, उन्होंने विपक्ष की आलोचना की और जयंत पाटिल के बयान का हवाला देते हुए अपनी बात दोहराई।
उन्होंने अबू आजमी से कहा, "आजमी साब हमारे जयंत राव जी ने सही बात कही कि जिनको कुत्ता नहीं पूछता वो आजकल सोशल मीडिया पर आकर सबको गालियां देते हैं। मुख्यमंत्री को भी गाली देते हैं। ऐसे कुछ भाड़े के टट्टू इस मिसिंग लिंक के बारे में भी पैसा लेकर सोशल मीडिया पर लिख रहे थे।
महाराष्ट्र के अपमान पर सीएम की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो लोग महाराष्ट्र का अपमान कर रहे हैं, उन्हें वह साफ चेतावनी देना चाहते हैं कि ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' एक्सप्रेसवे एक बेहतरीन परियोजना है और यह इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है।
हाल ही में इस एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने परियोजना पर सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ट्रोलिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि बिना सबूत के लगाए गए आरोप उनकी काम करने की रफ्तार नहीं रोक सकते।
मिसिंग लिंक परियोजना पर क्यों मचा विवाद?
करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बने मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट पर हाल ही में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन हो गया। इसके कारण सड़क पर करीब 18 घंटे तक गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित रही। घटना के बाद विपक्ष ने महायुति सरकार पर भ्रष्टाचार और निर्माण में लापरवाही के आरोप लगाए।
इन आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले में लोगों को गुमराह कर रहा है और पूरी तरह झूठे आरोप लगा रहा है। फडणवीस ने यह भी कहा कि पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के समय इस परियोजना का काम लगभग ठप पड़ गया था।
उन्होंने कहा, "पिछली सरकार के मुख्यमंत्री ने दो पेज का नोट लिखकर 14 कारण बताए थे कि 'मिसिंग लिंक' क्यों नहीं बनाया जा सकता और फाइल बंद कर दी थी। लेकिन महायुति सरकार में हिम्मत थी, इसीलिए हमने इसे बनाया।" मुख्यमंत्री फडणवीस ने उन दावों को खारिज कर दिया कि प्रोजेक्ट की संरचनात्मक मजबूती से समझौता किया गया था या जनता का पैसा 'बर्बाद' हो गया। फिर उन्होंने सदन को घटना की हक़ीक़त से रूबरू कराया।
भारी बारिश से गिरा मलबा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि तेज बारिश के कारण पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरकर सुरंग के बाहरी हिस्से पर आ गए, जिससे उसका एक हिस्सा टूट गया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि सुरंग के मुख्य हिस्से को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि सुरंग का सुरक्षा सिस्टम सही तरीके से काम करता रहा। इमरजेंसी बटन दबाने के कुछ ही मिनटों में बड़ी क्रेन मौके पर पहुंच गई और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया।
ट्रोलिंग पर सीएम ने दिया जवाब
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग जानबूझकर उनके खिलाफ गलत बातें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग उनके बारे में कुछ भी कहें, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वह ऐसी बातों के आदी हैं। उन्होंने कहा कि आज जो लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, कुछ साल बाद शायद उनका नाम भी कोई याद न रखे। लेकिन मुंबई-पुणे 'कनेक्टिंग लिंक' परियोजना हमेशा रहेगी और लोग इसे उनके और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के काम के रूप में याद करेंगे। फडणवीस ने यह भी कहा कि लोग उन्हें जितना चाहें बुरा-भला कहें, लेकिन अगर कोई महाराष्ट्र का अपमान करेगा, तो उसे बिल्कुल भी नहीं छोड़ा जाएगा।
