केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच के दौरान लोहागढ़ किले में सिया गोयल और चेतन चौधरी के साथ क्राइम सीन रीक्रिएशन करती पुलिस। | Source: Social media

केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच के दौरान लोहागढ़ किले में सिया गोयल और चेतन चौधरी के साथ क्राइम सीन रीक्रिएशन करती पुलिस।Source : Social media

पुणे का केतन अग्रवाल मर्डर केस पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं और पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस हर सबूत और हर बयान की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात कैसे हुई और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या थी।इसी जांच के तहत पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। पुलिस ने उसी जगह पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएट किया, जहां कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से आरोपियों के बयानों की सच्चाई जांचने और वारदात के पूरे घटनाक्रम को समझने में मदद मिलेगी।

लोहागढ़ किले में दोबारा पहुंची पुलिस

रविवार सुबह पुलिस की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। जांच अधिकारियों की मौजूदगी में उसी जगह पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया गया, जहां कथित तौर पर यह वारदात हुई थी। इस दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछा कि घटना वाले दिन वे किले तक कैसे पहुंचे, किस जगह पर मौजूद थे और आखिर केतन अग्रवाल के साथ क्या हुआ था। पुलिस इस पूरी प्रक्रिया के जरिए आरोपियों के बयानों का घटनास्थल पर मौजूद सबूतों से मिलान कर रही है, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।

डमी की मदद से दोहराया गया पूरा घटनाक्रम

जांच को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस अपने साथ केतन अग्रवाल के बराबर वजन वाला एक डमी भी लेकर गई। इसी डमी की मदद से अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि कथित तौर पर घटना किस तरह हुई और केतन को खाई में कैसे धक्का दिया गया होगा। पुलिस का मानना है कि सीन रीक्रिएशन से घटना के हर पहलू को बेहतर तरीके से समझने और जांच में महत्वपूर्ण सबूत जुटाने में मदद मिलेगी.

शुरुआती जांच में क्या सामने आया?

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कई संदिग्ध बातें पता चलीं। इसके बाद मामले की जांच का रुख बदल गया और पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। इसी आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

पुलिस इस मामले में कोई भी कड़ी छोड़ना नहीं चाहती। जांच टीम मोबाइल फोन के रिकॉर्ड, तकनीकी सबूत, आरोपियों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोहागढ़ किले में किए गए सीन रीक्रिएशन से जो जानकारी मिली है, उसे भी जांच का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस का मानना है कि सभी सबूतों को जोड़ने के बाद अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जाएगी, ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता केस तैयार किया जा सके।