उमर फ़ारूक़:

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को 'घमंडी' कहने के एक दिन बाद बदले अपने सुर, कहा- बेटे की गलतियों को माफ करना पिता का कामअभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी | फोटो- हिन्दुस्तान टाइम्स

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के बीच अपने हालिया बयान पर नरम रुख अपनाते हुए अभिषेक बनर्जी को "अपने बेटे जैसा" बताया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर वरिष्ठ नेताओं का सम्मान न करने और लगातार अहंकारी व्यवहार करने का आरोप लगाया था। पत्रकारों से बातचीत के दौरान कल्याण बनर्जी ने कहा कि हालिया मतभेदों के बावजूद उनके मन में अभिषेक बनर्जी के प्रति कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा, "वह मेरे बेटे जैसे हैं। बेटे की गलतियों को माफ करना पिता का काम है।" उन्होंने साथ ही दावा किया कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है।

एक दिन पहले अभिषेक को 'घमंडी' बताकर लगाए थे गंभीर आरोप

कल्याण बनर्जी की यह टिप्पणी उनके पिछले बयान से बिल्कुल अलग मानी जा रही है। गुरुवार को उन्होंने सार्वजनिक रूप से अभिषेक बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा था कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं करते और उनके व्यवहार में लगातार अहंकार दिखाई देता है। उन्होंने यहां तक कहा था कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को पार्टी के पुराने नेताओं और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के बीच एक विकल्प चुनना होगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि एक कानूनी विवाद के बाद वह अब अभिषेक बनर्जी का किसी भी कानूनी मामले में प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे।

बागी सांसदों और शताब्दी रॉय पर भी निशाना

कल्याण बनर्जी ने पार्टी के बागी नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने लोकसभा में अलग बैठने की मांग करने की तैयारी कर रहे 19 सांसदों के महत्व को कमतर बताते हुए कहा कि वे भाजपा के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सब एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है और भाजपा भी उन्हें पूरी तरह स्वीकार नहीं करेगी।बागी सांसद शताब्दी रॉय पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "सुचित्रा सेन के बाद शताब्दी रॉय अगली महा-नायिका हैं।"

कांग्रेस में विलय की अटकलों को किया खारिज

टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलों पर भी कल्याण बनर्जी ने विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी कांग्रेस में शामिल नहीं हो रही है और ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीएमसी इन दिनों आंतरिक संकट से गुजर रही है। हाल के दिनों में कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के इस्तीफों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।