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जापान में रविवार को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इस बार झटके देश के उत्तरी हिस्से में स्थित होक्काइडो के आसपास महसूस हुए। नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर अर्थ साइंस एंड डिजास्टर रेजिलिएंस (NIED) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई और इसका केंद्र आओमोरी प्रांत के पूर्व में समुद्र के पास था। भूकंप की गहराई करीब 114 किलोमीटर बताई गई है।

भूकंप के झटकों के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। जापान में भूकंप आना आम बात है, लेकिन जब झटके तेज होते हैं तो लोग तुरंत सतर्क हो जाते हैं। प्रशासन की ओर से भी हालात पर नजर रखी जा रही है।

NIED के आंकड़ों के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजकर 44 मिनट पर यह भूकंप आया। इसका केंद्र समुद्र में था। इसकी वजह से उत्तरी जापान के कुछ हिस्सों में झटके महसूस किए गए।

इससे पहले भी होक्काइडो और इसके आसपास के इलाकों में भूकंप के कई झटके दर्ज किए गए थे। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी यानी JMA के रिकॉर्ड में 21 अगस्त को भी होक्काइडो के आसपास कई छोटे भूकंप दर्ज हुए थे।


यानी पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। यही वजह है कि नए झटके के बाद लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

भूकंप की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल सुनामी को लेकर होता है। अभी उपलब्ध रिपोर्टों में इस भूकंप से जुड़ी किसी बड़ी सुनामी की पुष्टि नहीं हुई है।

जापान की एजेंसियां भूकंप के बाद समुद्र और तटीय इलाकों की स्थिति पर नजर रखती हैं। भूकंप समुद्र के पास आने पर सुनामी का खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि उसका केंद्र कितना गहरा था और समुद्र की सतह पर उसका कितना असर पड़ा।

फिलहाल लोगों को आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी जाती है।

जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप काफी ज्यादा आते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश की भौगोलिक स्थिति है। जापान प्रशांत महासागर के आसपास मौजूद ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है।

इस इलाके में कई टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के संपर्क में रहती हैं। जब इन प्लेटों में हलचल होती है तो धरती के अंदर जमा ऊर्जा बाहर निकलती है और भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

इसी वजह से जापान ने भूकंप से निपटने के लिए काफी मजबूत व्यवस्था तैयार की है। यहां इमारतों को भी भूकंप को ध्यान में रखकर बनाया जाता है और लोगों को समय-समय पर आपदा से

रविवार को होक्काइडो क्षेत्र में आए भूकंप से पहले उसी दिन जापान के पूर्वी हिस्से में भी 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप का केंद्र इबाराकी प्रांत में था और इसके झटके टोक्यो समेत आसपास के इलाकों में महसूस किए गए। रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना में कई लोग घायल हुए थे।

लगातार भूकंप के झटकों के कारण जापान में लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, होक्काइडो के पास आए ताजा 6.3 तीव्रता के भूकंप से बड़े नुकसान की तत्काल कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से कहा जा रहा है कि वे किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और भूकंप के बाद आने वाले संभावित झटकों को लेकर सावधान रहें।