नई दिल्ली। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार, 10 अगस्त को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 111 हो गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं और कुछ स्थानों पर लोगों के मलबे में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और कुछ जगहों पर इमारतें पूरी तरह ढह गईं।
सुबह के वक्त आया 7.4 तीव्रता का जोरदार भूकंप
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप 10 अगस्त को 12:34 यूटीसी पर आया, जो स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 7:34 बजे था। भूकंप का केंद्र कोलंबिया के चोको विभाग में सैन जोस डेल पालमार से करीब 5 किलोमीटर पूर्व में बताया गया है। इसकी गहराई करीब 107 किलोमीटर थी।
भूकंप के झटके कोलंबिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए। पड़ोसी देश वेनेजुएला के कुछ इलाकों में भी लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया। अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली की ओर से इस भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई।
कैली में 20 इमारतें ढहीं, कई लोगों के फंसे होने की सूचना
भूकंप के बाद जैसे-जैसे नुकसान की तस्वीर सामने आई, स्थिति की गंभीरता बढ़ती गई। कैली के मेयर अलेजांद्रो एदेर ने बताया कि शहर में कम से कम 20 इमारतें ढह गई हैं। कुछ इमारतों में लोगों के फंसे होने की जानकारी भी मिली है।
मेयर के अनुसार, राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बोगोटा और मेडेलिन के मेयरों से भी बचाव दल भेजने का अनुरोध किया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज किया जा सके।
लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील
कैली के मेयर अलेजांद्रो एदेर ने भूकंप के बाद लोगों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने लोगों से अपने आसपास की इमारतों की स्थिति की जांच करने को कहा। खास तौर पर ऐसी इमारतों से बाहर निकलने की सलाह दी गई, जहां बड़ी दरारें दिखाई दे रही हों या लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हों।
भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक को लेकर भी चिंता जताई गई है। चोको की गवर्नर नूबिया कैरोलिना कोरदोबा-कुरी ने बताया कि क्विब्दो में इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है और लोग घायल हुए हैं। उन्होंने संभावित आफ्टरशॉक को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
पेरेरा और मनिजालेस में भी हुई मौतें
भूकंप से अलग-अलग शहरों में जनहानि की जानकारी सामने आई है। पेरेरा के मेयर ने बताया कि शहर में 18 लोगों की मौत हुई है। वहीं, मनिजालेस के मेयर ने बीएलयू रेडियो को बताया कि शहर में दो लोगों की मौत हुई है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।
भूकंप से हवाई सेवाओं पर भी पड़ा असर
शक्तिशाली भूकंप का असर कोलंबिया की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। विमानन अधिकारियों के मुताबिक, पेरेरा, मनिजालेस, क्विब्दो, आर्मेनिया, कार्टागो और बुएनावेंतुरा के हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है।
यात्रियों और विमानों की सुरक्षा की जांच के दौरान इन हवाई अड्डों पर उड़ानें रोक दी गईं। अधिकारियों की ओर से हवाई अड्डों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा मानकों की जांच के बाद आगे की व्यवस्था की जा सके।
बोगोटा में बड़े नुकसान की जानकारी नहीं
राजधानी बोगोटा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, लेकिन मेयर कार्लोस गालान ने कहा कि शहर में बड़े नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके बावजूद प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।
कोलंबिया की राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन इकाई स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर भूकंप से हुए नुकसान का आकलन कर रही है। प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटाने और राहत कार्यों के समन्वय की प्रक्रिया जारी है।
वेनेजुएला तक महसूस किए गए भूकंप के झटके
कोलंबिया में आए इस शक्तिशाली भूकंप का प्रभाव पड़ोसी देश वेनेजुएला तक महसूस किया गया। वहां ताचिरा और बारकिसिमेतो में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस होने की जानकारी दी। इससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बना।
हालांकि, अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की। अधिकारियों का मुख्य ध्यान फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों तथा नुकसान का आकलन करने पर है।
कोलंबिया में भूकंप का खतरा क्यों ज्यादा?
कोलंबिया दक्षिण अमेरिका के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप की गतिविधियां लगातार दर्ज की जाती हैं। देश में कई टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाएं और फॉल्ट क्षेत्र मौजूद हैं, जिसके कारण यहां भूकंपीय गतिविधि का खतरा बना रहता है।
कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सेवा के मुताबिक, देश में 100 से अधिक विनाशकारी भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं। ऐसे में 7.4 तीव्रता के इस भूकंप ने एक बार फिर देश के कई हिस्सों में भूकंप के खतरे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को चर्चा में ला दिया है।
राहत और बचाव अभियान पर टिकी नजर
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती ढही हुई इमारतों और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। कैली समेत प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल काम कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर नुकसान का आकलन कर रहा है।
फिलहाल भूकंप से मरने वालों की संख्या 111 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है और कई इलाकों में नुकसान का आकलन अभी जारी है। अधिकारियों की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना, मलबे में फंसे लोगों को तलाशना और क्षतिग्रस्त इमारतों से जुड़े जोखिम को कम करना है। इस शक्तिशाली भूकंप ने कोलंबिया के कई हिस्सों को प्रभावित किया है और इसके बाद संभावित आफ्टरशॉक को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।
