इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का भूकंपइंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का भूकंप. Image: Abp News

इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। भूकंप के तुरंत बाद इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी (बीएमकेजी) ने कई इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र फ्लोरेस द्वीप के उत्तरी क्षेत्र में एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए, जबकि प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

3 मीटर तक ऊंची लहरों की चेतावनी, कई क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी

भूकंप के बाद बीएमकेजी ने पूर्वी नुसा तेंगारा, पश्चिमी नुसा तेंगारा और दक्षिणी सुलावेसी समेत कई क्षेत्रों में सुनामी की आशंका जताई है। एजेंसी के भूकंप और सुनामी निदेशक विजयांतो के अनुसार, सुनामी मॉडलिंग से संकेत मिले हैं कि कुछ क्षेत्रों में समुद्री लहरें 3 मीटर तक पहुंच सकती हैं। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

अस्पताल से बाहर भागे मरीज, 2004 की त्रासदी फिर आई याद

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, भूकंप के दौरान एक अस्पताल में काम कर रहे प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि झटके इतने तेज थे कि पूरा भवन हिलने लगा और मरीज घबराकर अस्पताल से बाहर निकल आए। भूकंप के बाद फ्लोरेस द्वीप के मौमेरे शहर में लोगों को ऊंचे इलाकों की ओर जाते हुए देखा गया। कुछ स्थानों पर समुद्र का पानी पीछे हटता भी दिखाई दिया, जिसे संभावित सुनामी का संकेत माना जाता है। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम हैं। वर्ष 2004 में सुमात्रा के तट पर आए 9.1 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में दो लाख से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जिनमें बड़ी संख्या इंडोनेशिया के नागरिकों की थी।