उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में भगवान महाकाल और साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के साथ मंदिर क्षेत्र के आसपास कई स्थानों पर दबाव की स्थिति बन गई। नागचंद्रेश्वर मंदिर के पास हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। कुछ श्रद्धालु बेहोश हो गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
भीड़ के दबाव से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि दो श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजन और सुरक्षाकर्मी बीमार और बेहोश हुए श्रद्धालुओं को संभालते हुए अस्पताल लेकर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले हिस्से में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण भीड़ का दबाव काफी बढ़ गया था। इसी दौरान महिला, पुरुष और युवतियों समेत कई श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोग घबराकर बेहोश हो गए, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
परिजन और सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा
भीड़ के बीच जब कुछ श्रद्धालुओं की हालत बिगड़ी तो उनके परिजन और सुरक्षाकर्मी उन्हें संभालकर अस्पताल ले गए। बेहोशी और घबराहट की स्थिति में श्रद्धालुओं को उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं की हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
घटना के बाद मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था सुचारू बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।
पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
सावन के तीसरे सोमवार पर भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर के विशेष दर्शन के लिए उज्जैन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में एक बार दर्शन के लिए खुलता है। इस वजह से नाग पंचमी के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
बताया गया है कि अब तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण मंदिर क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के रास्तों और प्रवेश मार्गों पर भी भीड़ का दबाव बना हुआ है।
आधी रात से कतार में लगे थे श्रद्धालु
दर्शन के लिए पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं ने भीड़ प्रबंधन को लेकर अपनी परेशानी बताई। श्रद्धालुओं के अनुसार, वे नाग पंचमी के दर्शन के लिए आधी रात 12 बजे से ही कतार में लगे हुए थे। उनका कहना है कि इसी दौरान वीआईपी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को रोके जाने से सामान्य दर्शन की कतार में भीड़ लगातार बढ़ती गई।
श्रद्धालुओं का दावा है कि भीड़ बढ़ने के बीच कई लोगों की तबीयत खराब हो गई और कुछ श्रद्धालु बेहोश होकर गिर पड़े। हालांकि, इस संबंध में सामने आए दावे श्रद्धालुओं के बयान पर आधारित हैं।
बैरिकेड के नीचे आने से बिगड़ी एक श्रद्धालु की हालत
अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति की मां मीनू ने घटना को लेकर बताया कि यह स्थिति हरसिद्धि चौराहे पर बनी। उनके अनुसार, नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जाते समय उनका बेटा बैरिकेड के नीचे आ गया। उन्होंने दावा किया कि वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी और उस समय किसी ने उसकी मदद नहीं की।
मीनू के मुताबिक, बाद में एक व्यक्ति ने उनके बेटे को उठाया और अस्पताल तक पहुंचाया। घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है और अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं का उपचार जारी है।
साल में एक बार खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर
उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर की धार्मिक विशेषता के कारण नाग पंचमी के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर के कपाट साल में एक बार खुलते हैं। यही वजह है कि नाग पंचमी के दिन उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
सावन के तीसरे सोमवार के साथ नाग पंचमी का अवसर होने के कारण इस बार भी मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। भगवान महाकाल के दर्शन के साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर में पूजा और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
लखीसराय में भी भगदड़ से सात श्रद्धालुओं की मौत
उज्जैन की घटना से पहले बिहार के लखीसराय जिले में भी सावन के तीसरे सोमवार को बड़ा हादसा हुआ। भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान भगदड़ मचने से कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हुए।
अधिकारियों के अनुसार, लखीसराय में हुई घटना मंदिर के समीप स्थित अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हुई। सावन के सोमवार पर धार्मिक स्थलों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच दोनों घटनाओं ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
भीड़ प्रबंधन बनी बड़ी चुनौती
उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हरसिद्धि चौराहे के पास बैरिकेडिंग क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने और श्रद्धालुओं के बेहोश होने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत सामने आई है।
फिलहाल उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं का इलाज जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार, भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी और दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
