बकरीद का त्योहार खुशियों, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश लेकर आता है। लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस खास दिन को यादगार बनाते हैं। लेकिन नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में एक परिवार के लिए ईद की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। जिस घर में सेवइयां बन रही थीं, मेहमानों का आना-जाना था और त्योहार की रौनक थी, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार, आंसू और गम का माहौल है। महज एक सिगरेट को लेकर शुरू हुए विवाद ने 26 वर्षीय अरबाज़ की जिंदगी छीन ली और उसके परिवार को ऐसा जख्म दे दिया, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा।

सिगरेट को लेकर शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा

जानकारी के मुताबिक यह सनसनीखेज वारदात जहांगीरपुरी थाना क्षेत्र के सी-ब्लॉक में ईद की रात करीब 11 बजे हुई। बताया जा रहा है कि अरबाज़ अपने घर के पास मौजूद था, तभी इलाके के कुछ लड़कों के साथ उसकी कहासुनी हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद सिगरेट को लेकर शुरू हुआ था। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अपना आपा खो दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि लड़कों ने अरबाज़ को घेर लिया और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से अरबाज़ संभल भी नहीं पाया और गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। ईद की रात जिस इलाके में त्योहार का माहौल था, वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल में तोड़ा दम

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने खून से लथपथ अरबाज़ को तुरंत बाबू जगजीवन राम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर पर गहरे घाव और अत्यधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

अरबाज़ जहांगीरपुरी के सी-ब्लॉक का रहने वाला था और इलाके में स्थित एक सुनार की दुकान पर काम करता था। परिवार का कहना है कि वह बेहद मेहनती, जिम्मेदार और शांत स्वभाव का युवक था। घर की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी वह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था और परिवार की उम्मीदों का सहारा माना जाता था।

ईद की रौनक मातम में बदली

जिस घर में कुछ घंटे पहले तक ईद की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं अब मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य बार-बार यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक मामूली विवाद किसी की जान लेने तक कैसे पहुंच गया। रिश्तेदारों और पड़ोसियों का कहना है कि अरबाज़ का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था और वह सभी के साथ मिलजुल कर रहने वाला युवक था।

ईद के दिन हुई इस हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि सिगरेट जैसी छोटी बात पर किसी की जान ले ली गई।

तीन नाबालिग हिरासत में, पुलिस जांच में जुटी

घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चश्मदीदों के बयान और स्थानीय इनपुट के आधार पर तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि वारदात के हर पहलू को समझा जा सके।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि घटना केवल अचानक हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश भी मौजूद थी। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

हत्या की इस वारदात के बाद पूरे जहांगीरपुरी इलाके में सनसनी फैल गई। किसी भी तरह के तनाव या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।

छोटी बात पर हत्या ने खड़े किए बड़े सवाल

अरबाज़ की हत्या ने एक बार फिर समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या अब छोटी-छोटी बातों पर इंसानी जान लेना आम होता जा रहा है? आखिर क्यों युवाओं और नाबालिगों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है? और क्या समाज तथा परिवारों को इस दिशा में अधिक जागरूक होने की जरूरत नहीं है?

ईद जैसे पवित्र और खुशियों भरे त्योहार पर हुई यह दर्दनाक घटना लंबे समय तक लोगों के जेहन में बनी रहेगी। एक मामूली सिगरेट विवाद ने एक युवक की जिंदगी छीन ली, एक परिवार का सहारा खत्म कर दिया और त्योहार की सारी खुशियों को मातम में बदल दिया। अब परिवार को सिर्फ इंसाफ का इंतजार है, जबकि पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।