दांतों और मसूड़ों की खराब सेहत को अक्सर सिर्फ मुंह की समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन अब एक नई रिसर्च ने संकेत दिया है कि इसका असर महिलाओं की प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी पर भी पड़ सकता है। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि मुंह में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन शरीर के अन्य अंगों की तरह ओवरी तक पहुंच सकती है और अंडों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
क्या कहती है नई स्टडी?
यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल Journal of Dental Research में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने डेंटल इंप्लांट से जुड़ी क्रॉनिक सूजन (Chronic Oral Inflammation) का प्रभाव जांचा। इसके लिए चूहों (माउस मॉडल) पर प्रयोग किए गए, जिनमें देखा गया कि मुंह में होने वाली लगातार सूजन केवल दांतों और मसूड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उससे पैदा होने वाले इंफ्लेमेटरी सिग्नल्स पूरे शरीर में फैल सकते हैं।
ओवरी तक पहुंची सूजन
रिसर्चर्स ने पाया कि मुंह में मौजूद सूजन से जुड़े साइटोकाइंस (Inflammatory Cytokines) और इम्यून सिग्नल्स ओवरी तक पहुंच गए। इससे ओवरी के ऊतकों में सूजन बढ़ी और प्रतिरक्षा कोशिकाओं के व्यवहार में बदलाव देखने को मिला। साथ ही ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ने और ओवरी को नुकसान पहुंचने के संकेत भी मिले।
अंडों की गुणवत्ता पर पड़ा असर
अध्ययन में पाया गया कि सूजन का असर ओवरी में मौजूद फॉलिकल्स पर भी पड़ा। फॉलिकल्स वही छोटी संरचनाएं होती हैं जिनमें अंडे विकसित होते हैं। रिसर्च के दौरान फॉलिकल्स का विकास प्रभावित पाया गया और अंडों की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। कई अंडों में डीएनए डैमेज और एपिजेनेटिक बदलाव भी पाए गए, जो भविष्य में प्रजनन क्षमता को कमजोर कर सकते हैं।
उम्र बढ़ने जैसे दिखे बदलाव
वैज्ञानिकों ने एक और महत्वपूर्ण बात नोट की। ओवरी और अंडों में जो बदलाव दिखाई दिए, वे काफी हद तक उन परिवर्तनों से मिलते-जुलते थे जो महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से देखने को मिलते हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबे समय तक रहने वाली सूजन प्रजनन क्षमता में गिरावट की प्रक्रिया को तेज कर सकती है।
क्या खराब ओरल हेल्थ से बांझपन हो सकता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि खराब ओरल हेल्थ सीधे तौर पर बांझपन का कारण बनती है। यह अध्ययन जानवरों पर किया गया था और इंसानों पर अभी बड़े स्तर की क्लिनिकल रिसर्च की जरूरत है। हालांकि रिसर्च यह जरूर दिखाती है कि मुंह की लगातार सूजन शरीर के अन्य हिस्सों, खासकर प्रजनन तंत्र, पर असर डाल सकती है।
पहले भी कई बीमारियों से जुड़ चुकी है ओरल हेल्थ
पिछले कुछ वर्षों में कई अध्ययनों में पेरियोडोंटाइटिस (मसूड़ों की गंभीर बीमारी) को हृदय रोग, डायबिटीज, मेटाबॉलिक डिसऑर्डर और मस्तिष्क संबंधी समस्याओं से जोड़ा जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में लगातार बनी रहने वाली सूजन कई अंगों के कामकाज को प्रभावित कर सकती है।
महिलाओं के लिए क्या है सीख?
डॉक्टरों के अनुसार रोजाना सही तरीके से ब्रश करना, फ्लॉस का इस्तेमाल करना, समय-समय पर डेंटल चेकअप कराना और मसूड़ों में सूजन या खून आने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करना जरूरी है। हालांकि फर्टिलिटी और ओरल हेल्थ के बीच संबंध को लेकर अभी और शोध की जरूरत है, लेकिन अच्छी ओरल हाइजीन बनाए रखना समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।
