IND vs SL: श्रीलंका में टीम इंडिया के सामने क्यों मंडरा रहा बड़ा खतरा? पूर्व क्रिकेटर ने बताई बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरी | Source: NDTV.comT20 के बढ़ते असर और कमजोर स्पिन गेंदबाजी को बताया वजह, अशोक मल्होत्रा ने कहा- श्रीलंका में मिल सकते हैं टर्निंग ट्रैक, बल्लेबाजों की असली परीक्षा होगी

IND vs SL: श्रीलंका में टीम इंडिया के सामने क्यों मंडरा रहा बड़ा खतरा? पूर्व क्रिकेटर ने बताई बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरीSource : NDTV.com

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया के सामने एक बड़ी चुनौती को लेकर चर्चा तेज हो गई है. भारतीय बल्लेबाजों के स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ हालिया प्रदर्शन पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन खेलने की क्षमता पर T20 क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव का असर पड़ा है.

भारत अब श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट अभियान शुरू करने जा रहा है. ऐसे में टीम के प्रदर्शन को लेकर पूर्व दिग्गजों और क्रिकेट फैंस के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है. मल्होत्रा ने भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी के पीछे स्तरीय स्पिनरों के खिलाफ अभ्यास की कमी को भी एक बड़ी वजह बताया.

स्पिनर खेलने की कला पर T20 की मार

'सेल्यूट तिरंगा लीग' से जुड़े एक कार्यक्रम में पहुंचे अशोक मल्होत्रा ने कहा कि आज भारतीय दिग्गज बल्लेबाजों का स्पिनरों के खिलाफ जो प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, उसकी एक बड़ी वजह T20 फॉर्मेट है.

उन्होंने कहा कि दुनिया के ज्यादातर स्पिनर अब तेज गति से गेंदबाजी कर रहे हैं. T20 क्रिकेट में गेंद को ज्यादा घुमाने के बजाय तेज गति से डालने पर जोर रहता है. इसके कारण बल्लेबाजों को वास्तविक टर्न और विविधता वाले स्पिनरों का सामना करने का अभ्यास कम मिल रहा है.

'टीम इंडिया के पास स्तरीय स्पिनर नहीं'

भारत के लिए 7 टेस्ट मैच खेल चुके मल्होत्रा ने अपने दौर के कई बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों का उदाहरण दिया. उन्होंने बिशन सिंह बेदी, राजेंद्र गोयल, दिलीप दोषी, पद्माकर शिवालकर और धीरज परसाना जैसे गेंदबाजों का जिक्र किया.

मल्होत्रा के मुताबिक, उस दौर में लगभग हर टीम के पास ऐसा स्पिनर होता था, जो गेंद को अच्छी तरह घुमाने के लिए जाना जाता था. लेकिन मौजूदा समय में भारतीय टीम के पास जडेजा और अक्षर पटेल जैसे गेंदबाज हैं, जो उनकी राय में गेंद को उतना स्पिन नहीं कराते.

उन्होंने सवाल उठाया कि जब बल्लेबाजों के सामने स्तरीय स्पिन गेंदबाजी नहीं होगी, तो वे स्पिन को सही तरीके से खेलने की कला कैसे विकसित करेंगे.

न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की सीरीज का दिया उदाहरण

अशोक मल्होत्रा ने भारतीय टीम के हालिया टेस्ट प्रदर्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने भारत को घरेलू मैदान पर 2-0 से हराया था, जबकि पिछले साल के आखिर में दक्षिण अफ्रीका ने भी भारत को 2-0 से मात दी.

उनके मुताबिक, दोनों टीमों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते दिखाई दिए. मल्होत्रा ने कहा कि कहीं न कहीं भारतीय बल्लेबाजों का स्पिनरों के खिलाफ अभ्यास कम हो गया है और अब कई बल्लेबाज फ्लैट पिचों पर खेलने के आदी हो गए हैं.

श्रीलंका में मिलेंगे टर्निंग ट्रैक

श्रीलंका दौरे के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान की वापसी पर भी मल्होत्रा ने अपनी राय रखी. उन्होंने सरफराज की वापसी को अच्छी बात बताया और उनके रिकॉर्ड को भी अच्छा बताया.

हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि श्रीलंका में टर्निंग ट्रैक देखने को मिल सकते हैं. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के लिए स्पिन गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं होगा. मल्होत्रा ने कहा कि पहले की तुलना में भारतीय बल्लेबाज स्पिन को उतना अच्छी तरह नहीं खेलते.

'टीम इंडिया के पास दो टीमें बनाने की क्षमता'

अशोक मल्होत्रा ने भारतीय टीम की क्षमता पर भरोसा भी जताया. उन्होंने कहा कि भले ही पिछली दो-तीन टेस्ट सीरीज भारत के लिए अच्छी नहीं रही हैं, लेकिन टीम में इतनी क्षमता है कि वह दो मजबूत टीमें तक बना सकती है.

उन्होंने शुभमन गिल और बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर भी सकारात्मक बात कही. मल्होत्रा के मुताबिक, टीम फिलहाल मजबूत नजर आ रही है और उसके पास श्रीलंका को चुनौती देने के लिए पर्याप्त प्रतिभा मौजूद है.

श्रीलंका दौरे पर स्पिन बनेगा सबसे बड़ा टेस्ट?

भारत के लिए श्रीलंका दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां पिचों पर स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना रहती है. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन खेलने की क्षमता की कड़ी परीक्षा हो सकती है.

अशोक मल्होत्रा की टिप्पणी ने भारतीय टीम के सामने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि T20 क्रिकेट के दौर में क्या भारतीय बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट की असली स्पिन चुनौती के लिए पर्याप्त रूप से तैयार हैं? श्रीलंका की परिस्थितियों में इसका जवाब मैदान पर मिलेगा.