वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार बैटिंग करने उतरे।Source : ESPNcricinfo
IND vs ENG: मैच शुरू होने से पहले हर तरफ बस एक ही बात की चर्चा थी कि क्या आज के दूसरे टी20 मुकाबले में 15 साल के 'वंडर बॉय' वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा। संजू सैमसन की खराब फॉर्म को देखते हुए फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स इसी बात का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार, जब टॉस के वक्त कप्तान श्रेयस अय्यर ने ऐलान किया कि संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग इलेवन में खेल रहे हैं, तो वह कयास एक यादगार हकीकत में बदल गया।
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुए वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 15 साल और 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखकर वो कमाल कर दिखाया जो अब तक नामुमकिन सा लगता था। उन्होंने महान सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। इस तरह वैभव भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं।
सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे वैभव के सामने इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे तेज गेंदबाज थे। लेकिन वैभव ने पहली ही पारी में दिखा दिया कि वो किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने जोफ्रा आर्चर की गेंद पर एक बेहतरीन छक्का लगाया। हालांकि, उनकी यह पारी ज्यादा बड़ी नहीं हो पाई और वो 10 गेंदों में 2 छक्कों की मदद से 14 रन बनाकर विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। भले ही वो जल्दी आउट हो गए, लेकिन उनके शॉट्स ने भरोसा दिला दिया कि टीम इंडिया का भविष्य सुरक्षित है।
अभिषेक और किशन के दम पर भारत ने बनाया 190 रनों का स्कोर
वैभव के आउट होने के बाद दूसरे ओपनर अभिषेक शर्मा ने रन बनाने की जिम्मेदारी संभाली और 24 गेंदों में 43 रनों की तेज पारी खेली। इसके बाद अनुभवी ईशान किशन (40 गेंदों में 49 रन) और कप्तान श्रेयस अय्यर (22 गेंदों में 37 रन) ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े और भारत को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। आखिरी ओवरों में तिलक वर्मा के नाबाद 24 रनों की बदौलत भारत ने 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 190 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड के लिए सैम करन ने 32 रन देकर 3 विकेट लिए।
अर्षदीप का डबल ब्लास्ट, फिर जैकब बेथेल का पलटवार
191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज अर्षदीप सिंह ने पहले ही ओवर में कहर बरपाते हुए फिल साल्ट (0) और जोस बटलर (0) को बिना खाता खोले ही पवेलियन भेज दिया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर 2 विकेट पर 0 रन हो गया। इसके बाद हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 39 रन बनाकर पारी को संभाला।
इसके बाद इंग्लैंड के युवा ऑलराउंडर जैकब बेथेल ने मैच का पासा ही पलट दिया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर काउंटर अटैक किया और मैदान के हर कोने में रन बटोरे। बेथेल ने टॉम बैंटन (39 रन) के साथ मिलकर एक बेहतरीन साझेदारी की और मैच को भारत की पकड़ से दूर कर दिया। बेथेल ने सिर्फ 46 गेंदों में 5 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 76 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।
अर्षदीप के 3 विकेट भी नहीं टाल सके हार
भारत की तरफ से अर्षदीप सिंह ने 40 रन देकर 3 विकेट चटकाए, लेकिन रवि बिश्नोई (4 ओवर में 60 रन) और बाकी गेंदबाज काफी महंगे साबित हुए, जिससे टीम इंडिया रनों की रफ्तार नहीं रोक पाई। इंग्लैंड ने 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर 6 विकेट खोकर 191 रन बना लिए और यह मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया। भले ही यह मैच भारत के पक्ष में नहीं रहा और फैंस को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन क्रिकेट के इतिहास में इसे हमेशा वैभव सूर्यवंशी के ऐतिहासिक डेब्यू और जैकब बेथेल की शानदार बल्लेबाजी के लिए याद रखा जाएगा।
