erere | Source: erereजयपुर। राजस्थान की राजनीति में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जुबानी जंग एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। मंगलवार को जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मदन दिलावर ने डोटासरा के बयान पर अपने खास अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "अब मेरी पत्नी मुझे मंत्री के रूप में देखना चाहती है या नहीं, यह तो मैं घर जाकर उनसे ही पूछूंगा।" उनके इस जवाब ने वहां मौजूद पत्रकारों और लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस बयान की चर्चा तेज हो गई।

पौधारोपण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने पूछा सवाल

मंगलवार को जयपुर के शिक्षा संकुल में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर मीडिया से रूबरू हुए। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें डोटासरा ने कहा था कि दिलावर की पत्नी भी उन्हें मंत्री के रूप में नहीं देखना चाहतीं।

इस सवाल का जवाब देते हुए मदन दिलावर ने गंभीर प्रतिक्रिया देने के बजाय हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि "अब मेरी पत्नी मुझे मंत्री देखना चाहती है या नहीं, यह तो मैं घर जाकर उनसे ही पूछूंगा।" उनके इस जवाब पर मौके पर मौजूद पत्रकार और समर्थक हंस पड़े।

क्या था गोविंद सिंह डोटासरा का बयान?

दरअसल, 27 जुलाई को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी पत्नी भी नहीं चाहतीं कि वे मंत्री पद पर बने रहें। डोटासरा ने दावा किया था कि यदि किसी ने दिलावर की पत्नी से पूछा तो वह भी उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देने की सलाह देंगी।

इसी बयान के संदर्भ में मंगलवार को मीडिया ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया, जिस पर उन्होंने अपने चुटीले अंदाज में जवाब देकर माहौल हल्का कर दिया।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी साधा निशाना

मदन दिलावर ने केवल निजी टिप्पणी का जवाब ही नहीं दिया, बल्कि इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा के कार्यकाल पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा के कार्यकाल में राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा और प्रदेश को लूटा गया।

दिलावर ने कहा कि पूर्व सरकार के समय शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहतर नहीं रही और अब उस दौर की वास्तविकता धीरे-धीरे सामने आ रही है।

ईमानदारी के दावे पर भी किया पलटवार

मीडिया ने जब डोटासरा के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि वे दोषी होते तो भाजपा सरकार उन्हें अब तक गिरफ्तार कर चुकी होती, इसलिए वह स्वयं को ईमानदार मानते हैं, तब शिक्षा मंत्री ने इस पर भी प्रतिक्रिया दी।

मदन दिलावर ने कहा कि ऐसी ही बातें पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय पीएचईडी मंत्री भी किया करते थे। उन्होंने कहा कि जब जांच पूरी होगी और सच्चाई सामने आएगी, तब सभी को पता चल जाएगा कि कौन कितना ईमानदार है।

राजस्थान की राजनीति में फिर तेज हुई बयानबाजी

राजस्थान में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर पहले भी कई बार सुर्खियों में रहा है। दोनों नेताओं के बीच शिक्षा, प्रशासन और राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार तीखी बयानबाजी होती रही है। ताजा घटनाक्रम में भी दोनों नेताओं के बयान राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बने हुए हैं।