श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद की चुनौती को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों ने कथित तौर पर प्रवासी मजदूरों से पहले उनकी पहचान पूछी और फिर दो हिंदू मजदूरों को अलग कर उन पर बेहद करीब से गोलियां चला दीं। इस हमले में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। शुरुआती जानकारी के आधार पर इस घटना की कार्यप्रणाली की तुलना पिछले वर्ष हुए पहलगाम आतंकी हमले से की जा रही है।
पहचान पूछने के बाद बनाया निशाना
सूत्रों के अनुसार, हमले के समय ईंट-भट्ठे पर कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे। पुलिस के प्रारंभिक इनपुट के मुताबिक, आतंकियों ने पहले मजदूरों से उनके नाम और पहचान के बारे में पूछा। इसके बाद कथित तौर पर दो हिंदू मजदूरों को समूह से अलग किया गया और उन पर नजदीक से गोलियां चलाई गईं। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि घायल मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनमें से एक ने उपचार शुरू होने से पहले ही दम तोड़ दिया। दूसरे घायल मजदूर का इलाज जारी है।
पहलगाम हमले जैसी बताई जा रही वारदात
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियां इस हमले के तरीके का अध्ययन कर रही हैं। प्रारंभिक स्तर पर इसे पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कार्यप्रणाली से मिलती-जुलती घटना माना जा रहा है। उस हमले में भी धर्म के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।
हालांकि, वर्तमान मामले की जांच अभी जारी है और सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।
दो आतंकियों की संलिप्तता की आशंका
सूत्रों के अनुसार, इस हमले में दो आतंकियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इनमें एक स्थानीय और दूसरा विदेशी आतंकी हो सकता है। जांच एजेंसियों ने हमले के पीछे शामिल आतंकियों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है।
प्रारंभिक संदेह मोहम्मद लतीफ नामक आतंकी पर जताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वह पिछले वर्ष लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन टीआरएफ में शामिल हुआ था। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं। फिलहाल किसी भी संगठन की आधिकारिक भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों मजदूर
अधिकारियों ने मृतक की पहचान 24 वर्षीय दीपक रात्रे के रूप में की है। वहीं, घायल मजदूर की पहचान 28 वर्षीय बोपिंदर के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से छत्तीसगढ़ के निवासी बताए गए हैं और कुलगाम के एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे।
हमले के बाद दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने बोपिंदर की गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले उसे जीएमसी अनंतनाग ले जाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उसे सौरा स्थित एसकेआईएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हाल के दिनों में बढ़ी आतंकी गतिविधियां
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कुछ ही दिन पहले अनंतनाग में आतंकियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क थीं। कुलगाम हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा तलाशी अभियान भी तेज कर दिया गया है।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों से ली जानकारी
आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। सुरक्षा एजेंसियों को हमलावरों की जल्द पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बल संयुक्त रूप से पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
