उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान दिया। मंगलवार को उन्होंने कहा कि अगर भगवान राम में ताकत होती, तो राम मंदिर में चोरी करने वाला व्यक्ति उसी समय भस्म हो जाता। उन्होंने कहा कि मंदिर से करोड़ों रुपये, सोना और चांदी चोरी हो गई, लेकिन चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ।
बुधवार को उनके बयान का वीडियो सामने आया। वीडियो में स्वामी प्रसाद मौर्य कहते दिखाई दे रहे हैं कि जब भगवान राम अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सके और चोरों को सजा नहीं दे पाए, तो आम लोगों का भला कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा सवाल है जिस पर विचार होना चाहिए।

Source : Dainik Bhaskar
हनुमानजी और सूर्य को लेकर भी की टिप्पणी
स्वामी प्रसाद मौर्य ने हनुमानजी से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हनुमानजी पृथ्वी पर पैदा हुए थे और भगवान राम का जन्म भी अयोध्या में हुआ था। उनका कहना था कि यदि कोई राजा पृथ्वी पर रहता है तो उसका सेवक भी पृथ्वी पर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि सूर्य पृथ्वी से लगभग 13 लाख गुना बड़ा है। इसके बावजूद यह कहा जाता है कि पृथ्वी पर पैदा हुआ एक छोटा-सा बंदर सूर्य को निगल गया। स्वामी प्रसाद ने इसे अज्ञानता करार देते हुए कहा कि लोग बिना तर्क किए ऐसी बातों को स्वीकार कर लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सूर्य की किरणों से ही लोग पसीने से तरबतर हो जाते हैं, जबकि सूर्य और पृथ्वी के बीच बहुत बड़ी दूरी है। इसके बावजूद सूर्य को निगल जाने की बात पर विश्वास कर लिया जाता है। उन्होंने भगवान बुद्ध का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी बात को केवल इसलिए नहीं मानना चाहिए क्योंकि वह किसी ग्रंथ में लिखी है, बल्कि उसे पहले बुद्धि और तर्क की कसौटी पर परखना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 47 हजार से अधिक स्कूल बंद करने जा रही थी, लेकिन विरोध के बाद उसे अपना फैसला वापस लेना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है और करीब 13 लाख शिक्षकों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्कूल आज भी चल रहे हैं, लेकिन पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में व्यवस्था रामभरोसे है। स्वामी प्रसाद ने कहा कि शिक्षकों से जनगणना, चुनाव और अन्य विभागीय कार्य कराए जाते हैं, जिससे वे पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दे पाते। उनका आरोप था कि सरकार गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित कर रही है और उच्च शिक्षा इतनी महंगी हो चुकी है कि सामान्य किसान परिवार भी अपने बच्चों को विश्वविद्यालय में नहीं पढ़ा सकता।
गरीबों की स्थिति पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों लोग आज भी सरकारी राशन पर निर्भर हैं। स्वामी प्रसाद ने दावा किया कि 80 करोड़ लोगों की जिंदगी 5 से 10 किलो अनाज के सहारे चल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे परिवार अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का सपना पूरा कर पाएंगे।
राजनीतिक सफर
स्वामी प्रसाद मौर्य पांच बार विधायक और चार बार मंत्री रह चुके हैं। वह योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था।
सपा ने उन्हें कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह चुनाव हार गए। करीब दो साल पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी भी छोड़ दी। इससे पहले वह बहुजन समाज पार्टी, लोकदल और जनता दल में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
20 जुलाई 2025 को लखनऊ में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांवड़ियों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कांवड़ियों को सत्ता संरक्षण में पलने वाले गुंडे और माफिया बताया था। उनका कहना था कि कुछ लोग कांवड़ यात्रा की आड़ में अराजकता फैला रहे हैं और कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।
करणी सेना कार्यकर्ता ने किया था हमला
6 अगस्त 2025 को रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान करणी सेना से जुड़े एक कार्यकर्ता ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला कर दिया था। रोहित द्विवेदी नामक युवक ने पहले उन्हें माला पहनाई और फिर पीछे से सिर पर हाथ मारकर भागने की कोशिश की। बाद में कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़ लिया। युवक ने कहा था कि उसने यह हमला इसलिए किया क्योंकि स्वामी प्रसाद मौर्य ब्राह्मण समाज, सनातन धर्म और भगवान राम के खिलाफ बयान देते रहे हैं।
