अफजाल अंसारी के खिलाफ दर्ज FIR। | Source: Chrome

अफजाल अंसारी के खिलाफ दर्ज FIR।Source : Chrome

गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद उनके खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में उनके शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी मूल पत्रावली और लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल का रिकॉर्ड नहीं मिलने का दावा किया गया है। इस मामले में दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों को भी आरोपी बनाया गया है।

शस्त्र लाइसेंस जांच में सामने आईं अनियमितताएं

पुलिस के अनुसार, मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस-191 से जुड़े लोगों और उनके सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कुल 145 शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन कराया गया, जिसमें कई मामलों में रिकॉर्ड अधूरा या गायब पाया गया।

अफजाल अंसारी के लाइसेंस की फाइल नहीं मिली

जांच के दौरान अफजाल अंसारी के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल पत्रावली जिला प्रशासन के अभिलेखों में उपलब्ध नहीं मिली। इसके अलावा उसी लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल का भी कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि फिलहाल हथियार की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल पाया है।

दो तत्कालीन शस्त्र लिपिक भी आरोपी

इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम को भी आरोपी बनाया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि सरकारी अभिलेखों के गायब होने और रिकॉर्ड में मिली अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने के लिए इनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

सदर कोतवाली पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सांसद अफजाल अंसारी और दोनों तत्कालीन कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (पूर्व आईपीसी) की धारा 409, 120-बी तथा आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 और 30 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है।

पुलिस ने क्या कहा?

गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन के दौरान कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब मिले हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।