नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं, तो वह भी अमेरिका में अपनी पढ़ाई से जुड़े छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और अन्य सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब उनकी उच्च शिक्षा के लिए धन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
आरटीआई आवेदन के बाद दिया जवाब
अभिजीत दीपके की यह प्रतिक्रिया उस घटनाक्रम के बाद आई है, जब सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उनके पिता, जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं, द्वारा बेटे को अमेरिका में पढ़ाई के लिए भेजने हेतु धन की व्यवस्था की जांच की मांग की है।
इस पूरे मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए दीपके ने कहा कि उन्हें अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड या वित्तीय दस्तावेज सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी शैक्षणिक डिग्री सार्वजनिक करते हैं, तो वह भी अपने सभी संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक कर देंगे।
छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण का किया उल्लेख
दीपके ने बताया कि उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय से मिली छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण की सहायता से अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि वे बोस्टन विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशंस) विषय में स्नातकोत्तर हैं और जून महीने में भारत लौटे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति मिली थी और शिक्षा ऋण भी लिया गया था, जिसे अभी चुकाना है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति इन तथ्यों की जांच कर सकता है।
'मैं अपने सभी दस्तावेज दिखाने को तैयार हूं'
अभिजीत दीपके ने कहा कि वे अपनी छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और डिग्री से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि प्रधानमंत्री अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं, तो वह भी अपने सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर देंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं है और वह इस विषय में पूरी पारदर्शिता बरतने के पक्षधर हैं।
ईडी और सीबीआई को लेकर लगाया आरोप
दीपके ने आरोप लगाया कि जब भी कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसके पीछे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को लगा दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियां उनके घर आती हैं तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वह अपने सभी दस्तावेज जांच के लिए उपलब्ध कराने को तैयार हैं, लेकिन यदि प्रधानमंत्री जांच एजेंसियों का उपयोग कर रहे हैं तो उन्हें भी अपनी शैक्षणिक डिग्री सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी डिग्री पूरी तरह वास्तविक है और उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की डिग्री भी वास्तविक होगी।
राजनीतिक पार्टी बनाने पर भी रखी अपनी बात
कॉकरोच जनता पार्टी के भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न पर अभिजीत दीपके ने कहा कि फिलहाल उनकी कोई राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी उनका उद्देश्य इसे एक जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि मीडिया सहित समाज का एक बड़ा वर्ग मौजूदा राजनीतिक दलों से निराश है। ऐसे माहौल में राजनीतिक दल बनाने के बजाय जन-जागरूकता और जन-आंदोलन अधिक प्रभावी हो सकता है।
चुनावी व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी
दीपके ने चुनावी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि वोटों की सुरक्षा और जनादेश पर ही लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है, तो केवल नई राजनीतिक पार्टी बना लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जनता किसी एक दल को वोट देती है, लेकिन बाद में जनप्रतिनिधि दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। उनके अनुसार, इस तरह की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक दलों को प्रभावित किया जाता है। ऐसे हालात में नई पार्टी बनाने के बजाय जन-आंदोलन को मजबूत करना अधिक आवश्यक है।
