महिलाओं के चेहरे पर दाढ़ी और मूंछ जैसे बाल दिखना अकसर चर्च का विषय बन जाते है कई लोग इसे अलग अलग कारणों से जोड़ते है। जबकि मेडिकल के बारे में जानकारी देने वाली संस्था के अनुसार महिलाओं के चेहरे, चेस्ट, पीठ या शरीर के अन्य हिस्सों पर जरूरत से ज्यादा काले और मोटे बाल उगना हिर्सुटिज्म कहलाता है. यह सिर्फ सुंदरता से जुड़ी समस्या नहीं बल्कि कई मामलों में हार्मोनल असंतुलन का संकेत भी हो सकता हैं आइए आपको बताते है कि आख़िर लड़कियों में दाढ़ी और मूंछ जैसी दिक्कत क्यों होती है?

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हिर्सुटिज्म क्या होता है?
Mayoclinic जो मेडिकल में जानकारी देने वाली संस्था है इसकी अनुसार महिलाओं के चेहरे, चेस्ट, पीठ या शरीर के अन्य हिस्सों पर जरूरत से ज्यादा काले और मोटे बाल उगना हिर्सुटिज्म कहलाता है. सबसे अधिक बाल होंठों के ऊपर, ठुड्डी, छाती, पेट, जांघों के अंदरूनी हिस्से और पीठ पर दिखाई देते हैं. यह केवल सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि कई बार शरीर में हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है.
किन स्वास्थ्य समस्याओं से हो सकता है ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे आम वजह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जिसे अब पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम कहा जाता है, वह है, जिसमें हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है. इसके अलावा कुशिंग सिंड्रोम, जन्म से होने वाली कॉनजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया, ओवरी या एड्रिनल ग्रंथि में बनने वाले कुछ दुर्लभ ट्यूमर भी इसकी वजह बन सकते हैं. कुछ दवाएं जैसे मिनॉक्सिडिल, डैनाजोल, टेस्टोस्टेरोन या डीएचईए सप्लीमेंट लेने से भी शरीर पर अतिरिक्त बाल उग सकते हैं. हालांकि कई महिलाओं में कोई स्पष्ट कारण नहीं मिल पाता.
यह समस्या क्यों होती है?
हिर्सुटिज्म का सबसे बड़ा कारण शरीर में पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन का सामान्य से अधिक होना है. इनमें टेस्टोस्टेरोन प्रमुख हार्मोन है. जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो महिलाओं के शरीर में अनचाहे बाल तेजी से उगने लगते हैं. कुछ मामलों में इसके साथ आवाज भारी होना, सिर के बाल झड़ना, मुंहासे बढ़ना, ब्रेस्ट का आकार कम होना, मांसपेशियां उभरना और क्लिटोरिस का आकार बढ़ना जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं.
किन किन महिलाओं में सबसे ज्यादा होता है खतरा
कुछ महिलाओं में हिर्सुटिज्म का खतरा दूसरों की अपेक्षा कम या ज्यादा होता हैं
अगर परिवार में किसी को पीसीओएस या जन्मजात हार्मोन संबंधी बीमारी रही है तो जोखिम बढ़ सकता है. भूमध्यसागरीय, मध्य-पूर्वी और दक्षिण एशियाई मूल की महिलाओं में भी यह समस्या अपेक्षाकृत ज्यादा देखी जाती है. वहीं मोटापा भी एंड्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ाकर इस स्थिति को और गंभीर बना सकता है.
डॉक्टर से कब मिलना ज़रूरी?
कई महिलाएं अपने लुक को लेकर असहज महसूस करती हैं और आत्मविश्वास में कमी या तनाव का सामना करती हैं. हिर्सुटिज्म जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसका मानसिक असर काफी गहरा हो सकता है।यदि इसके पीरियड अनरेगुलर हो, चेहरे या शरीर पर अचानक तेजी से बाल बढ़ने लगें या आवाज में बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेना चाहिए
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले।
