
इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हृदय रोगSource : Pinterest
अधिकतर लोग इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी ED को सिर्फ यौन जीवन से जुड़ी समस्या समझते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह शरीर में छिपी कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार इरेक्शन से जुड़ी परेशानी हो रही है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या कई बार दिल की बीमारी, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। कई शोधों में यह भी सामने आया है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन शरीर में होने वाली गड़बड़ियों का संकेत काफी पहले दे सकता है, इसलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन और दिल की बीमारी का क्या है संबंध?
डॉक्टरों के मुताबिक, इरेक्टाइल डिसफंक्शन और दिल की बीमारियों के बीच गहरा संबंध हो सकता है। दोनों समस्याएं शरीर में रक्त प्रवाह से जुड़ी होती हैं। जब धमनियों में ब्लॉकेज बनने लगता है या खून का प्रवाह कम हो जाता है, तो इसका असर सबसे पहले शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं पर दिखाई देता है। चूंकि लिंग तक खून पहुंचाने वाली नसें और धमनियां काफी पतली होती हैं, इसलिए उनमें होने वाली रुकावट जल्दी सामने आ सकती है। यही वजह है कि कई बार इरेक्टाइल डिसफंक्शन दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी समस्या होने पर हार्ट हेल्थ की जांच भी करानी चाहिए।
डायबिटीज और इरेक्टाइल डिसफंक्शन का क्या है संबंध?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज से पीड़ित पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा रहता है, तो यह शरीर की नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसका असर शरीर में खून के प्रवाह पर पड़ता है, जिससे इरेक्शन से जुड़ी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। कई शोधों में यह पाया गया है कि टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे पुरुषों में ED की शिकायत काफी ज्यादा देखने को मिलती है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि डायबिटीज के मरीज अपनी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें और किसी भी तरह की यौन स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें।
स्ट्रोक और हार्ट अटैक का बढ़ सकता है खतरा
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन को सिर्फ यौन समस्या समझना गलत हो सकता है। कई मामलों में यह भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों, जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक, का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। कुछ शोधों में पाया गया है कि ED से परेशान पुरुषों में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को लगातार यह समस्या हो रही है, तो केवल इसके इलाज पर ध्यान देने के बजाय पूरी स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लोगों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन का खतरा ज्यादा हो सकता है। इनमें शामिल हैं डायबिटीज के मरीज,हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग,हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग,
मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति,धूम्रपान, करने वाले लोग,ज्यादा शराब पीने वाले लोग,शारीरिक गतिविधियां कम करने वाले लोग ये सभी कारण न सिर्फ ED बल्कि दिल की बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं।
क्या करें?
अगर आपको लंबे समय से इरेक्शन से जुड़ी समस्या हो रही है, तो इसे बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से सलाह लें और ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल तथा हृदय स्वास्थ्य की जांच जरूर कराएं। सही समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकता है।
