आजकल की बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और बाहर के खाने का बढ़ता चलन पेट से जुड़ी समस्याओं को तेजी से बढ़ा रहा है। दस्त और पेट खराब होना तो आम बात है, लेकिन कई बार इसके साथ बार-बार पेशाब आने की समस्या भी लोगों को परेशान करने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है या किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जब किसी व्यक्ति को दस्त होते हैं, तो शरीर से बड़ी मात्रा में पानी और जरूरी लवण बाहर निकल जाते हैं। शरीर इस बदलाव को संतुलित करने की कोशिश करता है। कई बार आंतों में मौजूद संक्रमण या सूजन आसपास के अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। पेट और मूत्राशय शरीर में एक-दूसरे के काफी करीब होते हैं, इसलिए पेट की परेशानी के दौरान मूत्राशय पर दबाव महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की इच्छा होती है।
कुछ मामलों में दस्त और बार-बार पेशाब आना एक ही संक्रमण का परिणाम भी हो सकते हैं। बैक्टीरिया, वायरस या दूषित भोजन से होने वाले संक्रमण शरीर के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं। यदि संक्रमण मूत्र मार्ग तक पहुंच जाए, तो पेशाब बार-बार आना, जलन होना या असहजता महसूस होना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए केवल पेट खराब होने पर ही नहीं, बल्कि पेशाब से जुड़ी अन्य परेशानियों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी भी इस स्थिति से जुड़ी हो सकती है। दस्त होने पर लोग अक्सर अधिक पानी, ओआरएस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने लगते हैं। शरीर में तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ने से पेशाब की संख्या भी बढ़ सकती है। यह एक सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। हालांकि यदि बहुत ज्यादा प्यास लगे, चक्कर आएं या पेशाब का रंग गहरा हो जाए, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है।
ऐसी स्थिति में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। पेट खराब होने पर तला-भुना भोजन, ज्यादा मसालेदार चीजें, फास्ट फूड और अत्यधिक तेलयुक्त खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। ये चीजें आंतों पर अतिरिक्त दबाव डालकर दस्त की समस्या को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा अधिक चीनी वाले पेय पदार्थ और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स भी परेशानी बढ़ा सकते हैं।
दूध और दूध से बने कुछ उत्पाद भी कई लोगों में पेट खराब होने के दौरान दिक्कत बढ़ा सकते हैं। दस्त होने पर कुछ समय के लिए दूध, क्रीम और भारी डेयरी उत्पादों से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है। वहीं केला, खिचड़ी, टोस्ट, उबले आलू और हल्का भोजन पेट को आराम देने में मदद करते हैं। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करते रहना चाहिए।
यदि दस्त के साथ बार-बार पेशाब आने की समस्या दो से तीन दिन से अधिक बनी रहती है, पेशाब में जलन होती है, खून दिखाई देता है या तेज बुखार आता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किसी संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। समय पर जांच और उपचार से स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
