बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे रहे हैं, जिन्हें सफलता तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक संघर्ष और रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. आज हम इंडस्ट्री की एक ऐसी अभिनेत्री की बात कर रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर में बेहद मुश्किल दौर देखा. शुरुआत में मेकर्स ने उन्हें ‘मनहूस’ तक कह दिया था और एक-दो नहीं, बल्कि 13 फिल्मों से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. लगातार मिलते इन झटकों के बावजूद इस हसीना ने हार नहीं मानी और अपनी शानदार अदाकारी के दम पर ऐसी वापसी की कि इतिहास रच दिया.

आज हम बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री विद्या बालन की बात कर रहे हैं. आज उन्हें इंडस्ट्री की बेहतरीन अभिनेत्रियों में गिना जाता है, लेकिन उनके करियर की शुरुआत बेहद कठिन रही थी. एक समय ऐसा भी आया जब फिल्ममेकर्स ने उन पर मनहूस होने का ठप्पा लगा दिया था और धीरे-धीरे उन्हें 13 फिल्मों से रिजेक्ट कर दिया गया था. दरअसल, उनके कुछ शुरुआती प्रोजेक्ट्स बीच में ही बंद हो गए थे, जिसके बाद कई मेकर्स उन्हें अनलकी मानने लगे. इस दौर ने विद्या बालन को अंदर तक तोड़कर रख दिया था.

लगातार मिल रहे रिजेक्शन और लोगों के कड़वे व्यवहार ने विद्या बालन के आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित किया था. हालांकि, उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को संभाला और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई. इसके बाद उन्होंने एक ऐसी 100 करोड़ की ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, जिसने उन्हें बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों की सूची में शामिल कर दिया. आज वह इंडस्ट्री की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार की जाती हैं.

विद्या बालन ने बहुत कम उम्र में लोकप्रिय सिटकॉम शो हम पांच से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी. यह शो टेलीविजन का बेहद सफल और चर्चित कार्यक्रम रहा, जिसने उनके लिए फिल्मों की दुनिया के दरवाजे खोल दिए. हालांकि, फिल्मों में कदम रखने के बाद उनका शुरुआती सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा. उन्हें कई असफलताओं और रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने बचपन के सपने को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती रहीं.

एक इंटरव्यू में विद्या बालन ने खुलासा किया था कि इंडस्ट्री में शुरुआती दिनों के दौरान उन्हें ‘मनहूस’ तक कहा जाता था. इन बातों का उन पर इतना गहरा असर पड़ा कि कई बार वह रातों को रोते-रोते सो जाती थीं. उन्होंने फिल्म चक्रम को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था. विद्या ने बताया कि वह एक विज्ञापन की शूटिंग के लिए साउथ इंडिया गई थीं, जहां एक फिल्ममेकर ऑडिशन ले रहे थे. इसी दौरान उन्हें फिल्म चक्रम के लिए इंटरव्यू देने का मौका मिला और उनकी मां ने तुरंत हामी भर दी, क्योंकि वह अभिनेता मोहनलाल की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं.

विद्या बालन के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 2010 में आया. इसी वर्ष उनकी फिल्म नो वन किल्ड जेसिका रिलीज हुई, जो एक वास्तविक घटना पर आधारित थी और दर्शकों को काफी पसंद आई. इसके बाद वह द डर्टी पिक्चर में नजर आईं, जिसमें उनका अंदाज बेहद बोल्ड और अलग था. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की और जबरदस्त सफलता हासिल की. इसी फिल्म के बाद विद्या बालन की किस्मत पूरी तरह बदल गई और वह बॉलीवुड की बड़ी स्टार बनकर उभरीं.