सहरसा जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड स्थित काशनगर बाजार के एक निजी आवासीय विद्यालय से तीन छात्रों के लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्चों का कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस की जांच जारी है, जबकि स्कूल प्रबंधन और पुलिस के बयानों में सामने आए विरोधाभास ने मामले को और उलझा दिया है।
लापता छात्रों की पहचान फतेहपुर निवासी आदित्य कुमार, मंगनवा निवासी शिवम कुमार और मंगवार गांव निवासी नीरज कुमार के रूप में हुई है। तीनों छात्र पिछले करीब तीन वर्षों से काशनगर स्थित कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। इनमें दो छात्र दूसरी कक्षा और एक छात्र तीसरी कक्षा में पढ़ता है।
4 जून की सुबह से गायब हैं छात्र
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार 4 जून की अहले सुबह तीनों छात्र अचानक हॉस्टल से गायब हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने परिजनों को सूचित किया। इसके बाद परिजनों और स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर पर बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में मामले की सूचना काशनगर थाना को दी गई।
सीसीटीवी में साथ जाते दिखे बच्चे
जांच के दौरान मिले फुटेज में तीनों छात्रों को एक साथ विद्यालय परिसर से बाहर जाते हुए देखा गया है। इसी आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे किस दिशा में गए और उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं था। पुलिस सिमरी बख्तियारपुर और सहरसा रेलवे स्टेशन समेत कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
नाइट गार्ड को लेकर विरोधाभासी दावे
मामले में सबसे बड़ा सवाल विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। विद्यालय निदेशक विजय भगत का दावा है कि घटना वाली रात गार्ड ड्यूटी पर था, लेकिन वह सो गया था और इसी दौरान बच्चे दीवार फांदकर बाहर निकल गए। दूसरी ओर काशनगर थाना पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में विद्यालय में किसी नाइट गार्ड के मौजूद होने की पुष्टि नहीं हुई है।
यही विरोधाभास अब जांच का अहम बिंदु बन गया है। यदि विद्यालय में गार्ड मौजूद था तो उसकी जिम्मेदारी तय होगी, और यदि गार्ड था ही नहीं तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। बच्चों की निगरानी, हॉस्टल प्रबंधन और परिसर की सुरक्षा को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। बच्चों के लापता होने के बाद परिवारों में भारी चिंता का माहौल है। परिजन लगातार पुलिस से बच्चों की जल्द और सुरक्षित बरामदगी की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मामले की गहन जांच और बच्चों को जल्द खोजने की अपील की है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
काशनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कई संभावित पहलुओं पर जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की बरामदगी उनकी पहली प्राथमिकता है और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल बच्चों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
