मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों से कथित छिनतई की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हसीना गैंग के सदस्य रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़े होकर बाइक, कार और ट्रक चालकों से लिफ्ट मांगते हैं और वाहन रुकते ही उनके छिपे हुए साथी हमला कर मोबाइल, नकदी और जेवर लूट लेते हैं। हालांकि, पुलिस ने पकड़े गए दो लोगों के हसीना गैंग से जुड़े होने के संबंध में ठोस साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही है।
हाउसिंग बोर्ड के पास स्थानीय लोगों ने दो लोगों को पकड़ा
गुरुवार की रात स्थानीय लोगों ने हाउसिंग बोर्ड के पास घेराबंदी कर एक ट्रांसजेंडर और उसके साथी को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों से कांटी थाने में पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस ने उनके खिलाफ हसीना गैंग से जुड़े होने की पुष्टि करने वाला ठोस साक्ष्य नहीं पाया।
पश्चिमी एडीपीओ वन सुचित्रा कुमारी ने बताया कि दोनों के खिलाफ हसीना गैंग से जुड़े होने से संबंधित ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद दोनों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया।
स्थानीय लोगों को मिली थी संदिग्ध गतिविधि की सूचना
स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड सदस्य अखिलेश कुमार, मो. अनवर समेत अन्य लोगों को सूचना मिली थी कि एनएच के किनारे कुछ लोग किसी आपराधिक वारदात की फिराक में जुटे हैं। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति मास्क लगाकर सड़क किनारे खड़ा था, जबकि उसके अन्य साथी आसपास छिपे हुए थे।
स्थानीय लोगों ने मास्क हटवाया तो सामने आया कि सड़क किनारे खड़ा व्यक्ति ट्रांसजेंडर था। इसके बाद लोगों ने उसे और उसके साथी को पकड़ लिया तथा पुलिस को सूचना देकर दोनों को सौंप दिया।
मास्क लगाकर सड़क किनारे खड़े होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित हसीना गैंग के सदस्य रात में सज-धजकर एनएच के किनारे खड़े होते हैं। आरोप है कि वे वाहन चालकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए लिफ्ट मांगने का इशारा करते हैं। कई बार वाहन चालक इसे सामान्य मदद की जरूरत समझकर गाड़ी रोक देते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों लोगों के खिलाफ हसीना गैंग से संबंध स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही है। ऐसे में स्थानीय लोगों के आरोप और पुलिस की जांच के बीच स्थिति को लेकर आगे की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
लिफ्ट के बहाने वाहन रोकने का दावा
स्थानीय लोगों के मुताबिक कथित तौर पर गिरोह का तरीका यह है कि रात के समय एनएच किनारे खड़े होकर बाइक, कार और ट्रक चालकों से लिफ्ट मांगी जाती है। जैसे ही कोई चालक वाहन रोकता है, आसपास छिपे साथी कथित रूप से सामने आ जाते हैं।
आरोप है कि इसके बाद वाहन चालक के साथ मारपीट की जाती है और मोबाइल फोन, नकदी तथा जेवर जैसी कीमती वस्तुएं छीन ली जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के कारण रात में एनएच से गुजरने वाले लोगों में भय बना हुआ है।
पकड़े गए ट्रांसजेंडर ने बताई अलग वजह
स्थानीय लोगों की पूछताछ के दौरान पकड़े गए ट्रांसजेंडर ने कथित तौर पर कहा कि वह छिनतई या लूटपाट करने के लिए नहीं, बल्कि पेट पालने के लिए एनएच किनारे खड़ा रहता है। उसने चेहरा ढकने को लेकर भी अपनी बात रखी और बताया कि पहचान छिपाने के लिए मास्क लगाया था।
उसके अनुसार, मास्क लगाने का उद्देश्य पहचान छिपाना था, ताकि इशारा करने पर राहगीर वाहन रोक दें। हालांकि, पुलिस की पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसके हसीना गैंग से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस ने ठोस सबूत नहीं मिलने पर छोड़ा
मामले में पुलिस की ओर से सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही गई है कि पकड़े गए दोनों लोगों के खिलाफ हसीना गैंग से संबंध होने के ठोस साक्ष्य नहीं मिले। पश्चिमी एडीपीओ वन सुचित्रा कुमारी के अनुसार, इसी वजह से दोनों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया।
इससे यह स्पष्ट है कि स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के बावजूद फिलहाल पुलिस ने दोनों को हसीना गैंग का सदस्य घोषित नहीं किया है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोप की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है।
17 अगस्त को मिला था अज्ञात युवक का शव
इसी इलाके को लेकर एक अन्य गंभीर मामला भी सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते 17 अगस्त को हाउसिंग बोर्ड के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था। उसके शरीर पर चोट के गहरे निशान होने की बात कही गई थी। शव की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना को भी कथित हसीना गैंग से जोड़कर आशंका जताई है। हालांकि, इस हत्या के पीछे हसीना गैंग का हाथ होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह स्थानीय लोगों की आशंका है और इसे जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट किया जा सकता है।
कांटी और ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के बीच का इलाका
बताया गया है कि हाउसिंग बोर्ड के आसपास का क्षेत्र कांटी और ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्रों की सीमा से जुड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस भौगोलिक स्थिति का फायदा अपराधी उठा सकते हैं और वारदात के बाद दूसरे थाना क्षेत्र की ओर निकल सकते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय एनएच पर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पहले भी शिकायतें की गई हैं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी बढ़ी। इसी वजह से गुरुवार रात लोगों ने खुद एकजुट होकर संदिग्ध लोगों की घेराबंदी की।
रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
एनएच पर कथित छिनतई की घटनाओं और इलाके में बने डर के माहौल को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस से रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने कथित गिरोह के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय एनएच पर अकेले सफर करने वाले लोग ऐसे मामलों के कारण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस जांच से साफ होगी तस्वीर
मुजफ्फरपुर के एनएच क्षेत्र में हसीना गैंग के नाम से सामने आ रही शिकायतों और आरोपों के बीच पुलिस जांच की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। स्थानीय लोगों ने जिन घटनाओं और गतिविधियों का दावा किया है, उनकी पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
फिलहाल हाउसिंग बोर्ड के पास पकड़े गए दोनों लोगों को हसीना गैंग से जोड़ने वाला ठोस साक्ष्य नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है। वहीं, 17 अगस्त को मिले अज्ञात युवक के शव को लेकर भी स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है, लेकिन इस मामले को गैंग से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
