कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक हाई-वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) तार अचानक टूटकर एक लोकल ट्रेन पर गिर गई। तार गिरते ही तेज धमाकों जैसी आवाजें आने लगीं और चारों ओर चिंगारियां तथा धुएं का गुबार फैल गया। यह नजारा देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए प्लेटफॉर्म की ओर भागने लगे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय ट्रेन स्टेशन पर खड़ी थी। अचानक ऊपर से बिजली की तार टूटकर ट्रेन के ऊपर आ गिरी। इसके बाद लगातार तेज स्पार्किंग होने लगी। कुछ देर तक ऐसा लगा जैसे किसी बड़े हादसे की शुरुआत हो गई हो। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जिस ओवरहेड वायर में खराबी आई, उसमें करीब 11 हजार वोल्ट का विद्युत प्रवाह रहता है। ऐसे में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत बिजली की आपूर्ति बंद कर दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनज़र ट्रेन को खाली कराया गया और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कई यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन से घटना के वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
इस हादसे का असर सियालदह–डानकुनी रेल मार्ग पर भी पड़ा। सुरक्षा जांच और मरम्मत कार्य के चलते कुछ समय के लिए रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। कई लोकल ट्रेनों को रोका गया, जबकि कुछ ट्रेनों को देरी से चलाया गया। इससे ऑफिस जाने वाले यात्रियों और दैनिक सफर करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे की तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और टूटी हुई ओवरहेड वायर को हटाने के साथ मरम्मत का काम शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे ट्रैक और बिजली व्यवस्था की जांच की गई ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। जांच पूरी होने के बाद धीरे-धीरे रेल सेवाओं को सामान्य किया गया।
रेलवे ने इस घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तकनीकी खराबी के कारण ओवरहेड वायर टूटने की आशंका है। हालांकि, घटना की सही वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी किसी भी स्थिति में घबराने के बजाय रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें और टूटे हुए बिजली के तारों से दूर रहें। हाई-वोल्टेज तार बेहद खतरनाक होते हैं और उनसे दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की बिजली व्यवस्था और नियमित रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दिए जाने और कर्मचारियों की तेजी से कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और रेलवे पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

