2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के भारतीय नोटों को लेकर वायरल खबर पर | Source: Social media

2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के भारतीय नोटों को लेकर वायरल खबर परSource : Social media

अगर आपके पास भी 2005 से पहले के महात्मा गांधी सीरीज के नोट रखे हुए हैं, तो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर ने आपको भी जरूर परेशान किया होगा। कई लोग इस दावे को सच मानकर पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंकों के चक्कर लगाने लगे हैं। लेकिन क्या वाकई ये नोट बंद होने वाले हैं, या फिर यह सिर्फ एक अफवाह है?दरअसल, सोशल मीडिया पर तेजी से एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 30 जून 2026 के बाद 2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोट बैंक स्वीकार नहीं करेंगे। इस दावे के सामने आने के बाद लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, अब इस पूरे मामले पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्थिति साफ कर दी है। दोनों संस्थानों ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह भ्रामक है और 2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के नोटों को बंद करने या अमान्य घोषित करने का कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है।

क्या है पूरा वायरल दावा?

सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोटों को बंद करने का फैसला लिया है। वायरल मैसेज में लोगों से यह भी कहा जा रहा है कि वे जल्द से जल्द अपने पुराने नोट बैंक में जमा करा दें, क्योंकि 30 जून 2026 के बाद इन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।इस मैसेज के वायरल होने के बाद कई लोगों के मन में चिंता बढ़ गई। कुछ लोगों को लगा कि कहीं एक बार फिर नोटबंदी जैसी स्थिति तो नहीं आने वाली। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने क्या कहा?

वायरल मैसेज के सामने आने के बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने तुरंत इस पर सफाई जारी की। बैंक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि यह दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।बैंक ने साफ कहा कि 2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोटों को बंद करने या बैंक में स्वीकार न करने जैसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। ग्राहकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ऐसे अफवाह भरे संदेशों पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी के लिए केवल बैंक या RBI के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही विश्वास करें।

RBI ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर फैल रही इस अफवाह के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी स्थिति साफ कर दी है। RBI के मुताबिक, 2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के सभी नोट अभी भी पूरी तरह वैध हैं। इन्हें बंद करने या चलन से बाहर करने को लेकर कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है।RBI ने यह भी याद दिलाया कि साल 2015 में लोगों को पुराने नोट बैंक में जमा करने या नए नोटों से बदलने की सलाह दी गई थी। ऐसा इसलिए कहा गया था ताकि बेहतर सुरक्षा फीचर वाले नए नोट धीरे-धीरे प्रचलन में आ सकें। लेकिन उस समय भी RBI ने साफ किया था कि पुराने नोट अमान्य नहीं होंगे और उनका इस्तेमाल जारी रहेगा। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहा दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

लोगों को क्या करना चाहिए?

अगर आपके पास 2005 से पहले जारी महात्मा गांधी सीरीज के नोट हैं, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ये नोट आज भी पूरी तरह वैध हैं और इनका इस्तेमाल सामान्य लेन-देन में किया जा सकता है।बैंक और RBI ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा RBI या संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ही करें, ताकि अफवाहों का शिकार होने से बचा जा सके।