2020 प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद भगवंत मान। | Source: Chrome

2020 प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद भगवंत मान।Source : Chrome

साल 2020 में चंडीगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ हुए प्रदर्शन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया है। यह मामला उस हाईकोर्ट के फैसले से जुड़ा है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक केस रद्द कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

चंडीगढ़ प्रशासन की अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की सुनवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 29 नवंबर 2025 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने उस समय भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कर दिया था, जिसे अब प्रशासन ने सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है।

पुलिस ने दर्ज किया था केस

प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस पर पथराव करने का आरोप लगा। घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने भगवंत मान, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

हाईकोर्ट ने दी थी राहत

29 नवंबर 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए भगवंत मान और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया था। अदालत का मानना था कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

अब सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई

चंडीगढ़ प्रशासन की अपील स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब तलब किया है। अब आने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रहेगा या फिर मामले में दोबारा कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुलेगा।