buxar court | Source: Kalam lokबक्सर। व्यवहार न्यायालय, बक्सर के न्यायिक प्रशासन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने विशेष उत्पाद कोर्ट-1 के लिए नई पीठासीन पदाधिकारी की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। जारी आदेश के अनुसार, व्यवहार न्यायालय, बक्सर में कार्यरत जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमारी को विशेष उत्पाद कोर्ट-1 का पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही उन्हें अपने वर्तमान न्यायिक दायित्वों के अतिरिक्त विशेष उत्पाद न्यायालय की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।

उच्च न्यायालय की अनुशंसा के बाद जारी हुआ आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक की अनुशंसा के आलोक में की गई है। उच्च न्यायालय की अनुशंसा प्राप्त होने के बाद बिहार सरकार ने आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आधिकारिक अधिसूचना जारी की, जिसके साथ ही यह नियुक्ति प्रभावी हो गई। न्यायिक नियुक्तियों से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय की अनुशंसा महत्वपूर्ण मानी जाती है और उसी के आधार पर राज्य सरकार अंतिम आदेश जारी करती है।

वर्तमान पद के साथ अतिरिक्त दायित्व

अनुपम कुमारी वर्तमान में व्यवहार न्यायालय, बक्सर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-4 के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्हें अपने मौजूदा न्यायिक दायित्वों के साथ विशेष उत्पाद कोर्ट-1 की कार्यवाही का भी दायित्व सौंपा गया है। न्यायिक सेवा में उनके अनुभव, कार्यकुशलता और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रदान की गई है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में विशेष उत्पाद न्यायालय के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

विशेष उत्पाद न्यायालय की भूमिका है अहम

विशेष उत्पाद न्यायालय मुख्य रूप से बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है। राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम से संबंधित मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष उत्पाद न्यायालयों की स्थापना की गई है, ताकि लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।

मामलों के शीघ्र निष्पादन की बढ़ी उम्मीद

न्यायिक एवं प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि विशेष उत्पाद कोर्ट-1 को नया पीठासीन पदाधिकारी मिलने से न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और लंबित मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी। इससे बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई में भी गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यायालय प्रशासन ने शुरू की आवश्यक प्रक्रिया

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद व्यवहार न्यायालय, बक्सर के प्रशासन ने भी आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं प्रारंभ कर दी हैं। न्यायालय से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को नियमानुसार पूरा किया जा रहा है, ताकि विशेष उत्पाद कोर्ट-1 का संचालन नई व्यवस्था के अनुरूप सुचारु रूप से जारी रह सके।