6BPSC 70th Final Result: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट और मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। आयोग ने चयनित उम्मीदवारों की पूरी सूची भी जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत करीब 200 अभ्यर्थियों का चयन SDM पद के लिए हुआ है, जबकि 136 उम्मीदवार DSP पद के लिए चयनित हुए हैं।


श्रद्धा पांडे ने किया टॉप

70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में श्रद्धा पांडे ने 593 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं शशांक गौरव और आयुष बिजॉय ने 592 अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया। परिणाम की घोषणा आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने की। आयोग के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया BPSC के इतिहास की सबसे बड़ी वैकेंसी में से एक रही।


ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट


- BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं।

- होमपेज पर मौजूद Result या Important Notice सेक्शन पर क्लिक करें।

- "70th Combined Competitive Examination Final Result" लिंक खोलें।

- रिजल्ट की PDF डाउनलोड करें।

- Ctrl+F दबाकर अपना रोल नंबर सर्च करें।

- भविष्य के लिए रिजल्ट की कॉपी सुरक्षित रख लें।


तीन चरणों के बाद मिला अंतिम चयन

BPSC 70वीं परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की गई थी। उम्मीदवारों का अंतिम चयन प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर किया गया है।


20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दी थी मुख्य परीक्षा

मुख्य परीक्षा का आयोजन 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 के बीच पटना के 32 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। इसमें कुल 20,034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। मुख्य परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर 2025 को घोषित किया गया था, जिसके बाद 5,401 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। अब इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है।


विवादों के कारण चर्चा में रही परीक्षा

70वीं BPSC परीक्षा विवादों के कारण भी सुर्खियों में रही। बापू परीक्षा परिसर में हुए हंगामे के बाद एक परीक्षा केंद्र की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी, जिसके बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई महीनों तक प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई भी चली। मामला पटना हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इन घटनाओं के चलते परिणाम घोषित होने में देरी को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही।