erere | Source: rererपटना। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव रविवार को पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठ गए। यहां बीपीएससी से नाराज छात्र-छात्राओं की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। पप्पू यादव ने इस आंदोलन को समर्थन देते हुए बिहार सरकार और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए तथा 70वीं बीपीएससी परीक्षा के नतीजों को रद्द करने की मांग उठाई।

छात्रों की मांगें नहीं मानीं तो बिहार बंद की चेतावनी

भूख हड़ताल के दौरान मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि नौकरी और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की जो भी मांगें हैं, वे जायज हैं और सरकार को उन्हें जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए।

सांसद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों की मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो आगे बिहार बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस बयान के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा आंदोलन और अधिक राजनीतिक महत्व का विषय बन गया है।

गर्दनीबाग में 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

रविवार को ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर गर्दनीबाग में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बीपीएससी समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए।

पप्पू यादव ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचकर उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया और उनके मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

70वीं बीपीएससी परीक्षा के नतीजे रद्द करने की मांग

पप्पू यादव ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मांग की कि परीक्षा के नतीजों को अविलंब निरस्त किया जाए। उनका आरोप है कि बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। सांसद ने यह भी कहा कि सरकार ने मांगों को नहीं माना तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा।

बिहार में परीक्षा व्यवस्था पर पप्पू यादव ने उठाए सवाल

पप्पू यादव ने बिहार की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा और परीक्षा दोनों का हाल खराब है। उनके मुताबिक परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं आम हो गई हैं और सरकार परीक्षा में कथित धांधली को रोकने में सक्षम नहीं हो पा रही है।

उन्होंने बीपीएससी परीक्षा में एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी से भी सेवा लिए जाने का आरोप लगाया और कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। पप्पू यादव ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है, ताकि छात्रों के बीच विश्वास कायम हो सके।

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की भी चेतावनी

पप्पू यादव ने कहा कि रविवार को उनकी भूख हड़ताल एक दिन की है, लेकिन अगर छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई होगी। सांसद के इस रुख के बाद बीपीएससी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

झारखंड में जेपीएससी आंदोलन का भी किया जिक्र

पप्पू यादव ने अपने बयान में झारखंड में चल रहे जेपीएससी से जुड़े छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में जेपीएससी परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर छात्रों का एक बड़ा वर्ग 22 दिनों से आंदोलन कर रहा है।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाते हुए कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनके अनुसार नौकरी और परीक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों को किसी तरह की अनिश्चितता का सामना नहीं करना चाहिए।

हाजीपुर में पहले ही कर चुके थे भूख हड़ताल का ऐलान

पप्पू यादव ने पटना में भूख हड़ताल का ऐलान पहले ही कर दिया था। वैशाली में ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड के बाद वह उनके परिजनों से मिलने हाजीपुर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि 16 अगस्त को पटना में छात्रों के साथ भूख हड़ताल करेंगे।

हाजीपुर में दिए अपने बयान के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान का मुद्दा भी उठाया था। पप्पू यादव ने कहा था कि यह विपक्ष को नुकसान पहुंचाने का बहाना है। उन्होंने इसे सरकार पर सवाल उठाने वाले लोगों का अपमान भी बताया था।

बिहार सरकार और केंद्र पर लगाए आरोप

पटना में भूख हड़ताल के दौरान पप्पू यादव ने बिहार सरकार के साथ केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सरकारों से स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की।

उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े परीक्षा तंत्र में किसी भी तरह की कथित अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों की मांगों को जल्द पूरा करने की अपील करते हुए आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी दी।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल पप्पू यादव ने छात्रों की मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में बिहार बंद और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। 70वीं बीपीएससी परीक्षा के नतीजों को रद्द करने की उनकी मांग भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। गर्दनीबाग में छात्रों के प्रदर्शन के बीच सांसद के भूख हड़ताल पर बैठने से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।