गया: बिहार के गया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। वृद्धावस्था पेंशन के 1100 रुपये निकालने पहुंचे एक ई-रिक्शा चालक के बैंक खाते में अचानक करीब 7 अरब 59 करोड़ रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। यह देखकर न सिर्फ खाताधारक बल्कि ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) का संचालक भी हैरान रह गया। फिलहाल बैंक ने इसे संभावित तकनीकी गड़बड़ी मानते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
पेंशन निकालने पहुंचे तो मिला चौंकाने वाला मैसेज
यह मामला गया शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र के बागेश्वरी मोहल्ले के रहने वाले शिव कुमार पटेल का है। शिव कुमार ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थी हैं। शनिवार को वह अपनी पेंशन की राशि निकालने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पहुंचे। आधार आधारित बैंकिंग सेवा के जरिए उन्होंने अपने खाते से 1100 रुपये निकाले।
मोबाइल पर बैलेंस देखकर उड़ गए होश
पैसे निकालने के कुछ ही देर बाद शिव कुमार के मोबाइल पर बैंक का एसएमएस आया। जब उन्होंने उपलब्ध बैलेंस देखा तो उनके होश उड़ गए। मैसेज में खाते में करीब 7 अरब 59 करोड़ रुपये की राशि दिखाई दे रही थी। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई गलती है, लेकिन दोबारा देखने पर भी वही बैलेंस दिखाई दिया।
इलाके में फैल गई चर्चा
कुछ ही समय में यह खबर पूरे मोहल्ले में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग शिव कुमार के घर पहुंचने लगे। कोई इसे बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी बता रहा था तो कोई मजाक में उन्हें "अरबपति शिव कुमार" कहने लगा। यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
बैंक मैनेजर ने क्या कहा?
शिव कुमार ने बैंक शाखा के प्रबंधक से संपर्क किया। बैंक मैनेजर ने बताया कि दूसरा शनिवार और रविवार होने की वजह से शाखा बंद है। उन्होंने शिव कुमार को सोमवार को बैंक आने के लिए कहा और पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया।
लेनदेन नहीं करने की दी सलाह
बैंक प्रबंधन ने शिव कुमार को जांच पूरी होने तक खाते से किसी भी तरह का लेनदेन नहीं करने की सलाह दी है। साथ ही बैंक खाते या मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी किसी भी जानकारी में बदलाव न करने को भी कहा गया है।
सोमवार को सामने आएगा सच
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि खाते में इतनी बड़ी रकम दिखाई देना तकनीकी गड़बड़ी है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। अब सभी की नजर बैंक की जांच पर टिकी है, जिसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी।
